पंचकूला नगर निगम चुनाव: भाजपा की सूची का इंतज़ार बना सियासी केंद्र, अंदरखाने घमासान के संकेत
हरियाणा में नगर निगम चुनावों के बीच राजनीतिक हलचल अपने चरम पर पहुंचती दिखाई दे रही है। विशेषकर भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार सूची को लेकर जो उत्सुकता बनी हुई है, वह केवल पार्टी कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि विपक्षी दल भी उसी बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, इंडियन नेशनल लोकदल और आम आदमी पार्टी—सभी की निगाहें भाजपा की सूची पर टिकी हुई हैं।
दिनभर चला “लिस्ट कब आएगी” का दौर
मंगलवार को सुबह से लेकर देर शाम तक संभावित उम्मीदवारों के बीच एक ही चर्चा का विषय रहा—भाजपा की सूची कब जारी होगी। पार्षद पद के दावेदार लगातार एक-दूसरे को फोन कर अपडेट लेने की कोशिश करते रहे। कई बार यह सिलसिला पत्रकारों तक भी पहुंचा, जहां उनसे अंदरूनी जानकारी हासिल करने की कोशिश की गई।
हालांकि देर शाम करीब 8 बजे तक न तो मेयर पद के उम्मीदवार की घोषणा हुई और न ही पार्षदों की सूची जारी की गई। इस देरी ने सियासी गलियारों में अटकलों को और तेज कर दिया है।
सोशल मीडिया पर दावों की भरमार, बढ़ा असमंजस
इस बीच विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग वार्डों के लिए उम्मीदवारों के नामों को लेकर दावे किए जा रहे हैं। इन अपुष्ट सूचनाओं ने आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है।
सूची जारी होते ही फूट के आसार
सूत्रों के अनुसार, पंचकूला नगर निगम में भाजपा के भीतर वार्ड स्तर पर तनातनी साफ नजर आने लगी है। भले ही सूची अभी तक जारी नहीं हुई है, लेकिन यह चर्चा तेज है कि जैसे ही सूची सामने आएगी, कई वार्डों में विवाद खुलकर सामने आ सकते हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा वार्ड नंबर 16 को लेकर है, जहां एक वरिष्ठ भाजपा नेता के परिजन को टिकट दिए जाने की बात कही जा रही है। अन्य दावेदारों का आरोप है कि जिस नाम की चर्चा है, उसने न तो आवेदन किया था और न ही सर्वे सूची में उसका नाम था। ऐसे में टिकट आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
इसी तरह वार्ड नंबर 17, 12 और 1 में भी घमासान की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। सोमवार को वार्ड नंबर 1 के दावेदारों ने भाजपा जिला कार्यालय में जमकर हंगामा किया। उस समय भाजपा जिला अध्यक्ष अजय मित्तल और राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा मौके पर मौजूद थे।
हंगामा कर रहे कार्यकर्ताओं का आरोप था कि वार्ड नंबर 1 की टिकट “बेची गई है” और जिस नाम की चर्चा है, वह पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता भी नहीं है।
कांग्रेस में भी सब कुछ सामान्य नहीं
जहां एक ओर भाजपा सूची को लेकर घिरी हुई है, वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के भीतर भी सब कुछ ठीक नहीं दिख रहा। पार्टी ने मेयर उम्मीदवार की घोषणा कर दी है, लेकिन पार्षदों की सूची देर शाम तक जारी नहीं हो सकी।
पंचकूला कांग्रेस अध्यक्ष संजय चौहान ने फोन पर बातचीत में बताया कि पार्षदों की सूची बुधवार को जारी की जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस भी कुछ वार्डों में मजबूत उम्मीदवारों की तलाश में है और भाजपा की सूची का इंतजार कर रही है, ताकि टिकट से वंचित नेता कांग्रेस का रुख कर सकें।
इसके अलावा, मेयर उम्मीदवार सुधा भारद्वाज और संगठन के बीच तालमेल की कमी की भी चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, कई फैसले ऐसे लिए जा रहे हैं जिनमें स्थानीय नेतृत्व की सहमति शामिल नहीं है, जिससे अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ रही है।
इनेलो और आप भी प्रतीक्षा में
इंडियन नेशनल लोकदल ने भी पंचकूला में उम्मीदवारों को लेकर बैठक बुलाई है, लेकिन अब तक नामों को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। वहीं आम आदमी पार्टी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
दोनों दलों की रणनीति साफ नजर आती है—भाजपा की सूची के बाद असंतुष्ट नेताओं को अपने पाले में लाने की कोशिश।
जेजेपी चुनाव से दूरी बना सकती है
सूत्रों के हवाले से खबर है कि जननायक जनता पार्टी इस बार नगर निगम चुनाव अपने चुनाव चिन्ह पर नहीं लड़ेगी। हालांकि यह भी संकेत मिले हैं कि पार्टी निर्दलीय उम्मीदवारों को परोक्ष रूप से समर्थन दे सकती है।
निर्दलीयों ने तेज किया प्रचार
इस पूरे सियासी समीकरण के बीच निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कई उम्मीदवारों ने अपने चुनाव कार्यालय खोल दिए हैं और जनसंपर्क अभियान भी शुरू कर दिया है।
चार दिन में तय होगी तस्वीर
नामांकन प्रक्रिया के लिए अब केवल चार दिन शेष हैं। अनुमान है कि इन दिनों में पंचकूला नगर निगम के लिए करीब 150 उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, भाजपा की सूची इस समय पूरे राजनीतिक समीकरण की धुरी बनी हुई है। सूची जारी होते ही न केवल पार्टी के अंदर बल्कि पूरे राजनीतिक परिदृश्य में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।




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