कमिश्नर का 48 घंटे में पेमेंट करने का आदेश भी बेअसर : कमिश्नर का 48 घंटे में पेमेंट करने का आदेश भी बेअसर
नगर निगम में भुगतान व्यवस्था ठप, तीन महीने से अटकी करोड़ों की देनदारियां; ठेकेदारों में बढ़ी नाराजगी
पंचकूला नगर निगम की वित्तीय और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले लगभग तीन महीनों से कई ठेकेदारों के भुगतान लंबित पड़े होने के कारण विकास कार्यों और निगम से जुड़े ठेका तंत्र पर संकट गहराता जा रहा है। भुगतान न मिलने से ठेकेदारों को कर्मचारियों के वेतन, मशीनरी संचालन और अन्य खर्चों के प्रबंधन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार नगर निगम की भुगतान प्रक्रिया तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से प्रभावित है। बताया जा रहा है कि 50 से अधिक आरटीजीएस भुगतान फाइलें और चेक स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद बैंक स्तर पर ट्रांसफर नहीं हो पा रहे हैं। निगम और बैंक के बीच लागू सत्यापन प्रक्रिया के तहत भुगतान जारी करने से पहले बैंक द्वारा निगम के संबंधित वित्तीय अधिकारी से पुष्टि की जाती है, लेकिन इसी स्तर पर मामला अटका हुआ बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक भुगतान संबंधी फाइलों के लंबित रहने से ठेकेदारों में भारी असंतोष है। उनका कहना है कि उन्होंने निगम के लिए निर्धारित कार्य पूरे किए हैं, लेकिन समय पर भुगतान न मिलने से आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। कई ठेकेदारों का दावा है कि कर्मचारियों के वेतन और दैनिक परिचालन खर्चों की व्यवस्था करना भी मुश्किल होता जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए लगभग 10 दिन पहले निगम आयुक्त विनय कुमार और ठेकेदारों के बीच बैठक भी हुई थी। बैठक में आयुक्त ने लंबित भुगतान जल्द जारी करने के निर्देश दिए थे और बताया जाता है कि 48 घंटे के भीतर प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, ठेकेदारों का आरोप है कि बैठक के कई दिन बाद भी जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है और अधिकांश भुगतान अब भी अटके हुए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने निगम की आंतरिक कार्यप्रणाली और वित्तीय प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ठेकेदारों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो विकास कार्यों की गति प्रभावित हो सकती है और कई परियोजनाओं पर भी असर पड़ सकता है।
वहीं, निगम प्रशासन की ओर से आधिकारिक रूप से भुगतान प्रक्रिया में देरी के कारणों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निगम प्रशासन लंबित भुगतानों को कब तक जारी कर पाता है और ठेकेदारों की बढ़ती नाराजगी को कैसे दूर करता है।
मेयर से भी मिल चुके हैं ठेकेदार पर नतीजा जीरो
शनिवार को मेयर श्यामलाल बंसल ने जब पदभार ग्रहण किया था , कब से लेकर अब तक कई ठेकेदारों ने श्यामलाल बंसल से मुलाकात करके अपना दुखड़ा रोया है पर हालात जस के तस है। खबर लिखे जाने के समय गुरुवार की देर शाम लगभग 5:00 बजे तक ठेकेदारों की पेमेंट नहीं हो पाई थी । और ठेकेदार अपने कर्मियों को एक बार फिर आश्वासन ही दे रहे थे ।
पेमेंट ना होने की इनसाइड स्टोरी भी जान लीजिए!
ठेकेदारों की पेमेंट ना होने की भी एक इनसाइड स्टोरी है । हाल ही में नगर निगम में सीनियर अकाउंट अफसर ने ज्वाइन किया है । परंतु भरोसे मंद सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वह पंचकूला नगर निगम में काम करने के इच्छुक नहीं थे जिसकी वजह से उन्होंने अपना पेमेंट करने वाला पोर्टल नहीं बनवाया था और यही वजह थी ठेकेदारों की पेमेंट अटक गई । हालांकि अब यह भी जानकारी मिली है कि सीनियर अकाउंट अफसर का पोर्टल बन गया है पर पेमेंट कब होगी अभी इस बारे में कह पाना मुश्किल है ।



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