दिमागी नक्सली की बहस और लाल किले से निकले शब्दों की चुभन
लोकतंत्र में शब्दों की अपनी शक्ति होती है। शब्द कभी भरोसा पैदा करते हैं, कभी चेतावनी देते हैं, कभी उम्मीद जगाते हैं और कभी राजनीतिक बहस को इतना तीखा बना देते हैं कि उनके अर्थ से अधिक उनके इस्तेमाल पर चर्चा होने लगती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लाल किले की […]

