पंचकूला नगर निगम की दो वेबसाइटों से बढ़ा भ्रम, .com पर पुराने मेयर-आयुक्त तो .in पर नई टीम की जानकारी
एक ही नाम से चल रही दो वेबसाइटों ने बढ़ाई नागरिकों की परेशानी; सरकारी जिला पोर्टल पर mcpanchkula.in को आधिकारिक वेबसाइट बताया गया, जबकि Google सर्च में mcpanchkula.com पहले दिखाई देने से सवाल
पंचकूला। नगर निगम की ऑनलाइन व्यवस्था को लेकर पंचकूला के लोगों के सामने एक ऐसा डिजिटल भ्रम खड़ा हो गया है, जिसका सीधा असर सरकारी सूचनाओं पर भरोसे से जुड़ा है। नगर निगम पंचकूला के नाम से इंटरनेट पर दो अलग-अलग डोमेन—mcpanchkula.com और mcpanchkula.in— दिखाई दे रहे हैं। दोनों वेबसाइटों पर नगर निगम से जुड़ी सामग्री मौजूद है, लेकिन दोनों में प्रदर्शित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की जानकारी अलग-अलग है।
मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि जुलाई 2026 तक पंचकूला जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर नगर निगम की वेबसाइट के रूप में mcpanchkula.in का लिंक दिया गया है। जिला प्रशासन के आधिकारिक पोर्टल पर नगर निगम का पता, फोन नंबर और अन्य जानकारी देते हुए mcpanchkula.in को वेबसाइट लिंक के तौर पर सूचीबद्ध किया गया है। यह पेज 23 जुलाई 2026 को अपडेट किया गया था।

दूसरी ओर, mcpanchkula.com वेबसाइट भी अभी ऑनलाइन उपलब्ध है और उसके होमपेज पर नगर निगम पंचकूला का नाम, सरकारी सेवाओं और संपर्क संबंधी जानकारी दिखाई देती है। लेकिन इस वेबसाइट पर अभी भी कुलभूषण गोयल को मेयर और सचिन गुप्ता को नगर निगम आयुक्त बताया गया है। वेबसाइट पर लेटेस्ट न्यूज सेक्शन में भी 2023 की प्रविष्टियां दिखाई दे रही हैं।
यहीं से आम नागरिकों के सामने सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है—आखिर नगर निगम पंचकूला की आधिकारिक वेबसाइट कौन सी है?
.com और .in के बीच फंसा नागरिक
आज अधिकांश लोग किसी भी सरकारी विभाग की जानकारी हासिल करने के लिए सीधे Google पर उसका नाम लिखकर सर्च करते हैं। यदि कोई व्यक्ति केवल “MC Panchkula” या “Municipal Corporation Panchkula” लिखकर वेबसाइट तलाशता है और उसे पहले mcpanchkula.com दिखाई देती है, तो स्वाभाविक रूप से उसके मन में यही धारणा बनेगी कि यही नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट है।


समस्या तब और गंभीर हो जाती है जब वेबसाइट देखने पर उसमें नगर निगम का नाम, सरकारी सेवाएं, संपर्क नंबर, शिकायत दर्ज करने की सुविधा और अन्य विभागीय जानकारियां भी मौजूद हों।
ऐसे में किसी आम व्यक्ति के लिए यह पहचानना आसान नहीं है कि कौन-सी वेबसाइट वर्तमान में नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट है और कौन-सी पुरानी अथवा पूर्व में इस्तेमाल की गई वेबसाइट।
.com वेबसाइट पर आज भी पुराने मेयर और आयुक्त
mcpanchkula.com के होमपेज की मौजूदा स्थिति देखने पर वहां कुलभूषण गोयल को मेयर और सचिन गुप्ता को नगर निगम आयुक्त दिखाया जा रहा है। वेबसाइट के अनुसार ये दोनों नगर निगम के मौजूदा पदाधिकारी के रूप में प्रदर्शित हो रहे हैं।

लेकिन नगर निगम की मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक स्थिति बदल चुकी है।
मई 2026 में हुए नगर निगम चुनाव में भाजपा के शाम लाल बंसल ने मेयर पद पर जीत दर्ज की थी और 28-29 मई 2026 के आसपास उन्होंने पद की शपथ ली तथा कार्यभार संभाला।
वहीं नगर निगम के मौजूदा आयुक्त विनय कुमार हैं। उन्हें जनवरी 2026 में पंचकूला नगर निगम का नया आयुक्त नियुक्त किया गया था।
यानी वर्तमान स्थिति और mcpanchkula.com पर प्रदर्शित जानकारी में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है।
दूसरी वेबसाइट पर नई टीम की जानकारी
दूसरी ओर, mcpanchkula.in को पंचकूला जिला प्रशासन के आधिकारिक पोर्टल पर नगर निगम की वेबसाइट के रूप में लिंक किया गया है। जिला प्रशासन की वेबसाइट पर साफ तौर पर Municipal Corporation, Panchkula के सामने mcpanchkula.in का लिंक दिया गया है।

इसके अलावा नगर निगम के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट की प्रोफाइल में भी वेबसाइट के रूप में mcpanchkula.in दर्ज है।
2026 में नगर निगम चुनाव से संबंधित जानकारी में भी mcpanchkula.in का इस्तेमाल किया गया। चुनाव से पहले वार्डों की प्रारंभिक मतदाता सूचियों को नगर निगम की वेबसाइट और पंचकूला जिला प्रशासन की वेबसाइट पर अपलोड किए जाने की जानकारी में mcpanchkula.in का उल्लेख किया गया था।
इससे यह संकेत मिलता है कि वर्तमान आधिकारिक डिजिटल पहचान mcpanchkula.in की ओर है।
लेकिन सवाल सिर्फ वेबसाइट का नहीं, डिजिटल भरोसे का है
मामला केवल इतना नहीं है कि एक वेबसाइट पुरानी जानकारी दिखा रही है। असली चिंता यह है कि सरकारी वेबसाइट के नाम से मौजूद दो समान डोमेन आम नागरिक को भ्रमित कर रहे हैं।
आज नगर निगम की वेबसाइट सिर्फ खबरें पढ़ने का माध्यम नहीं है। लोग वेबसाइट के जरिए:
- प्रॉपर्टी टैक्स संबंधी जानकारी लेते हैं,
- शिकायत दर्ज करते हैं,
- टेंडर देखते हैं,
- नोटिफिकेशन डाउनलोड करते हैं,
- नागरिक सेवाओं की जानकारी हासिल करते हैं,
- अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के संपर्क विवरण तलाशते हैं,
- विभिन्न आवेदन और सेवाओं से जुड़े लिंक खोजते हैं।
ऐसे में यदि कोई नागरिक गलत वेबसाइट पर पहुंचता है और वहां पुरानी जानकारी देखकर कोई निर्णय लेता है, तो जिम्मेदारी किसकी होगी?
क्या दोनों वेबसाइट नगर निगम की ही हैं?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है।
क्या mcpanchkula.com और mcpanchkula.in दोनों नगर निगम पंचकूला की वेबसाइट हैं?
यदि दोनों नगर निगम से संबंधित हैं, तो फिर नगर निगम को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना चाहिए कि:
- दोनों वेबसाइटों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा है?
- कौन-सी वेबसाइट मुख्य और आधिकारिक वेबसाइट है?
- पुरानी वेबसाइट को बंद क्यों नहीं किया गया?
- पुरानी वेबसाइट पर नए मेयर और आयुक्त की जानकारी अपडेट क्यों नहीं की गई?
- क्या दोनों वेबसाइटों का डेटा और सर्विस लिंक समान रूप से सुरक्षित और अधिकृत हैं?
- यदि .com वेबसाइट पुरानी है, तो उसे खोलने पर नागरिकों को स्पष्ट चेतावनी या नए पोर्टल पर redirect क्यों नहीं किया जाता?
- Google पर पुराने डोमेन की मौजूदगी के कारण पैदा होने वाले भ्रम को दूर करने के लिए नगर निगम ने क्या कदम उठाए हैं?
इन सवालों के जवाब नगर निगम की ओर से सार्वजनिक रूप से दिए जाने की जरूरत है।
अगर .com वेबसाइट नगर निगम की नहीं है तो मामला और गंभीर
यदि नगर निगम यह स्पष्ट करता है कि mcpanchkula.com वर्तमान में नगर निगम की अधिकृत वेबसाइट नहीं है, तो फिर मामला और गंभीर हो जाता है।
क्योंकि वेबसाइट का नाम सीधे नगर निगम पंचकूला के नाम से जुड़ा हुआ है और होमपेज पर नगर निगम का नाम, सरकारी सेवाएं, संपर्क नंबर और पूर्व अधिकारियों की जानकारी दिखाई देती है।
ऐसी स्थिति में आम नागरिक के लिए यह सवाल स्वाभाविक है कि किसने इस डोमेन को नगर निगम के नाम से बनाए रखा है और क्या नगर निगम ने इसके संबंध में कोई आपत्ति या कानूनी/तकनीकी कार्रवाई की है?
यहां यह कहना कि मामला निश्चित रूप से “साइबर फ्रॉड” है, अभी उपलब्ध तथ्यों के आधार पर उचित नहीं होगा। इसके लिए डोमेन के स्वामित्व, नगर निगम की अनुमति, पुराने वेबसाइट संचालन की व्यवस्था और संबंधित तकनीकी दस्तावेजों की आधिकारिक जांच जरूरी होगी।
लेकिन यदि किसी अनधिकृत व्यक्ति या संस्था द्वारा सरकारी निकाय की पहचान का इस्तेमाल किया जा रहा हो, तो यह निश्चित रूप से गंभीर साइबर सुरक्षा और सरकारी पहचान के दुरुपयोग से जुड़ा विषय बन सकता है।
2023 की जानकारी अब भी वेबसाइट पर क्यों?
mcpanchkula.com के होमपेज की एक और महत्वपूर्ण बात सामने आती है। वेबसाइट के “Latest News” सेक्शन में दिखाई देने वाली खबरों की तारीख 13 जुलाई 2023 की है। वहीं वेबसाइट के मुख्य हिस्से में कुलभूषण गोयल और सचिन गुप्ता की जानकारी मौजूद है।
इससे कम से कम इतना स्पष्ट है कि वेबसाइट पर मौजूदा प्रशासनिक बदलावों के अनुरूप नियमित अपडेट नहीं किया गया है।
यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि यदि यह नगर निगम की पुरानी आधिकारिक वेबसाइट थी, तो नए पोर्टल पर जाने के लिए पुराने पोर्टल से स्पष्ट सूचना क्यों नहीं दी गई?
एक सरकारी वेबसाइट पर पुरानी जानकारी का बने रहना सिर्फ तकनीकी समस्या नहीं है, बल्कि सूचना की विश्वसनीयता का सवाल भी है।
नई सरकार, नया मेयर, नया आयुक्त… लेकिन डिजिटल पहचान पुरानी?
पंचकूला नगर निगम में 2026 में राजनीतिक नेतृत्व बदला है। शाम लाल बंसल ने मेयर पद संभाला है।
नगर निगम के प्रशासनिक नेतृत्व में भी बदलाव हुआ है और विनय कुमार वर्तमान आयुक्त हैं। जुलाई 2026 में नगर निगम की वार्ड समिति की बैठक में मेयर शाम लाल बंसल और आयुक्त विनय कुमार दोनों की मौजूदगी की जानकारी सामने आई है।
लेकिन यदि कोई नागरिक Google से mcpanchkula.com तक पहुंचता है, तो उसे अभी भी पुराने मेयर और पुराने आयुक्त की जानकारी मिल सकती है।
यानी जमीनी स्तर पर नेतृत्व बदल गया, लेकिन इंटरनेट पर नगर निगम की एक डिजिटल पहचान अभी भी पुराने दौर में अटकी हुई दिखाई दे रही है।
बाहरी व्यक्ति के लिए और बड़ा भ्रम
पंचकूला का कोई स्थानीय नागरिक संभव है कि नए मेयर या आयुक्त के बारे में पहले से जानता हो। लेकिन यदि हरियाणा से बाहर का कोई व्यक्ति पंचकूला नगर निगम से संबंधित जानकारी तलाशता है, तो उसके लिए यह पहचानना बेहद मुश्किल हो सकता है कि कौन सा डोमेन सही है।
मान लीजिए कोई व्यक्ति दिल्ली, मुंबई, जयपुर या किसी अन्य शहर से पंचकूला में प्रॉपर्टी खरीदना चाहता है और वह नगर निगम की वेबसाइट तलाशता है।
वह Google पर “Municipal Corporation Panchkula” लिखता है।
सामने दो वेबसाइट आती हैं—
mcpanchkula.com
और
mcpanchkula.in
यदि दोनों वेबसाइटों का नाम, लोगो और सामग्री नगर निगम जैसी दिखाई दे, तो आम व्यक्ति किस पर भरोसा करेगा?
यही वह जगह है जहां सरकारी डिजिटल संचार व्यवस्था को स्पष्ट और एकरूप होना चाहिए।


क्या .com डोमेन होने से वेबसाइट ज्यादा भरोसेमंद हो जाती है?
आम इंटरनेट उपयोगकर्ताओं में यह धारणा काफी आम है कि .com वेबसाइट ज्यादा बड़ी या ज्यादा विश्वसनीय होती है, जबकि .in को कई लोग केवल भारतीय वेबसाइट के रूप में देखते हैं।
हालांकि तकनीकी रूप से केवल .com या .in होने से किसी वेबसाइट की सरकारी या गैर-सरकारी होने की पुष्टि नहीं होती।
डोमेन एक्सटेंशन से ज्यादा महत्वपूर्ण है कि संबंधित विभाग स्वयं किस वेबसाइट को आधिकारिक घोषित करता है।
इस मामले में फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण आधिकारिक संकेत यह है कि पंचकूला जिला प्रशासन की सरकारी वेबसाइट, जिसे NIC द्वारा विकसित और होस्ट किया गया है, नगर निगम की वेबसाइट के रूप में mcpanchkula.in को लिंक करती है।
इसलिए आम नागरिकों को किसी भी सेवा या सूचना के लिए वेबसाइट की पुष्टि आधिकारिक जिला प्रशासन या हरियाणा सरकार के पोर्टल से करनी चाहिए।
क्या पुराने डोमेन को नए डोमेन पर Redirect किया जा सकता है?
तकनीकी रूप से यदि कोई पुराना सरकारी डोमेन अब इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है, तो उसे पूरी तरह बंद करने के बजाय उससे नए आधिकारिक पोर्टल पर redirect किया जा सकता है।
उदाहरण के लिए यदि कोई नागरिक mcpanchkula.com खोलता है, तो उसे एक स्पष्ट संदेश दिखाई दे सकता है:
“नगर निगम पंचकूला की नई आधिकारिक वेबसाइट mcpanchkula.in है। कृपया आगे की सभी सेवाओं और सूचनाओं के लिए नए पोर्टल का उपयोग करें।”
इसके बाद नागरिक को सीधे नए पोर्टल पर भेजा जा सकता है।
इससे Google पर पुराने डोमेन की मौजूदगी के बावजूद भ्रम काफी हद तक समाप्त हो सकता है।
नगर निगम को सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए
इस पूरे मामले में सबसे बेहतर रास्ता यही होगा कि नगर निगम पंचकूला खुद एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करे।
नगर निगम को बताना चाहिए कि:
mcpanchkula.com किसके नियंत्रण में है?
mcpanchkula.in किस उद्देश्य से बनाया गया है?
दोनों डोमेन का नगर निगम से क्या संबंध है?
क्या .com पुराना आधिकारिक पोर्टल था?
यदि था, तो उसे अपडेट क्यों नहीं किया गया?
यदि नहीं था, तो नगर निगम ने अब तक उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की?
क्या नागरिकों के लिए किसी एक आधिकारिक वेबसाइट को स्थायी रूप से निर्धारित किया गया है?
इन सवालों का जवाब मिलने से न केवल पंचकूला के लोगों का भ्रम दूर होगा, बल्कि बाहर से आने वाले नागरिकों और निवेशकों को भी सही डिजिटल स्रोत मिल सकेगा।
सरकारी वेबसाइट पर गलत जानकारी से बढ़ सकता है जोखिम
सरकारी वेबसाइट पर गलत या पुरानी जानकारी केवल नाम और पद तक सीमित नहीं रहती। यदि किसी पुराने पोर्टल पर ऑनलाइन सेवाएं, आवेदन फॉर्म, भुगतान लिंक, शिकायत प्रणाली या अन्य डिजिटल सेवाएं सक्रिय हों, तो मामला और संवेदनशील हो सकता है।
ऐसे में नागरिकों को यह पता होना चाहिए कि वे जिस वेबसाइट पर अपना मोबाइल नंबर, ईमेल, संपत्ति संबंधी जानकारी या अन्य व्यक्तिगत विवरण दर्ज कर रहे हैं, वह वास्तव में संबंधित सरकारी विभाग का अधिकृत पोर्टल है या नहीं।
इसी कारण सरकारी विभागों के लिए वेबसाइट डोमेन की स्पष्ट पहचान, नियमित अपडेट, पुराने डोमेन का redirect और आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर सही वेबसाइट लिंक बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
सवालों के घेरे में नगर निगम की डिजिटल व्यवस्था
पंचकूला नगर निगम की दो वेबसाइटों को लेकर सामने आई स्थिति कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती है:
पहला सवाल: नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट आखिर कौन सी है?
दूसरा सवाल: यदि mcpanchkula.in आधिकारिक वेबसाइट है, तो mcpanchkula.com अभी भी नगर निगम की पहचान के साथ क्यों चल रही है?
तीसरा सवाल: .com वेबसाइट पर पुराने मेयर कुलभूषण गोयल और पूर्व आयुक्त सचिन गुप्ता की जानकारी अब तक क्यों मौजूद है?
चौथा सवाल: वेबसाइट के लेटेस्ट न्यूज सेक्शन में 2023 की सामग्री क्यों दिखाई दे रही है?
पांचवां सवाल: यदि .com डोमेन नगर निगम का नहीं है, तो क्या नगर निगम ने इसके खिलाफ कोई तकनीकी, कानूनी या साइबर सुरक्षा कार्रवाई की है?
छठा सवाल: क्या दोनों डोमेन के बीच कोई आधिकारिक redirect या स्पष्ट सूचना उपलब्ध कराई गई है?
सातवां सवाल: क्या नगर निगम ने Google Search में दिखाई देने वाले पुराने डोमेन को लेकर कोई डिजिटल कम्युनिकेशन रणनीति बनाई है?
आठवां और सबसे अहम सवाल: आम नागरिक को आखिर कैसे पता चले कि असली और अधिकृत वेबसाइट कौन सी है?
फिलहाल नागरिकों के लिए क्या है सबसे सुरक्षित तरीका?
उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर पंचकूला जिला प्रशासन की वेबसाइट वर्तमान में mcpanchkula.in को नगर निगम पंचकूला की वेबसाइट के रूप में सूचीबद्ध करती है। जिला प्रशासन का संबंधित पेज जुलाई 2026 में अपडेट हुआ है।
इसलिए नागरिकों को महत्वपूर्ण सरकारी काम करने से पहले वेबसाइट की पुष्टि panchkula.nic.in जैसे सरकारी पोर्टल से करनी चाहिए और वहां दिए गए आधिकारिक लिंक का इस्तेमाल करना चाहिए।
नगर निगम को भी अपनी सभी डिजिटल प्रोफाइल, पुराने डोमेन, Google Search presence और सोशल मीडिया अकाउंट को एक ही आधिकारिक वेबसाइट से जोड़कर इस भ्रम को समाप्त करना चाहिए।
मामला सिर्फ दो वेबसाइटों का नहीं, सरकारी भरोसे का है
डिजिटल दौर में सरकारी कार्यालय की वेबसाइट उसका ऑनलाइन कार्यालय होती है। जिस तरह किसी नागरिक को सरकारी दफ्तर के बाहर सही बोर्ड, अधिकारी का नाम और विभाग की पहचान मिलनी चाहिए, उसी तरह इंटरनेट पर भी आधिकारिक वेबसाइट की पहचान बिल्कुल स्पष्ट होनी चाहिए।
पंचकूला नगर निगम के मामले में फिलहाल जिला प्रशासन के आधिकारिक पोर्टल पर mcpanchkula.in को नगर निगम की वेबसाइट बताया जा रहा है। वहीं mcpanchkula.com अभी भी नगर निगम की पहचान के साथ ऑनलाइन मौजूद है और उस पर पुराने पदाधिकारियों की जानकारी दिखाई देती है।
अब देखना यह है कि नगर निगम प्रशासन इस डिजिटल असमंजस को कब और कैसे खत्म करता है।
क्योंकि सवाल सिर्फ यह नहीं है कि सही वेबसाइट कौन-सी है—सवाल यह भी है कि एक आम नागरिक को यह पता लगाने के लिए इतनी मशक्कत क्यों करनी पड़ रही है कि सरकारी वेबसाइट आखिर असली कौन-सी है।



Leave a Reply
Want to join the discussion?Feel free to contribute!