मनीमाजरा की टूटी सड़कें बन सकती हैं बड़े हादसों का कारण, प्रशासन तुरंत करे मरम्मत: राजबीर सिंह भारतीय
स्मार्ट सिटी के दावों की पोल खोल रही मनीमाजरा की बदहाल सड़कें, जनता में बढ़ रहा आक्रोश
चंडीगढ़। देशभर में “स्मार्ट सिटी” और “ब्यूटीफुल सिटी” के रूप में पहचान रखने वाले चंडीगढ़ में मनीमाजरा क्षेत्र की जर्जर सड़कें प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। वार्ड नंबर-5 के अंतर्गत आने वाली कई प्रमुख सड़कें लंबे समय से बदहाल स्थिति में हैं, जिससे स्थानीय निवासियों, व्यापारियों, वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत कार्य नहीं कराया गया तो ये सड़कें किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
मनीमाजरा ईडब्ल्यूएस रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इन सड़कों की उच्च गुणवत्ता के साथ मरम्मत और पुनर्निर्माण कराया जाए।
कई प्रमुख सड़कें बदहाली का शिकार
क्षेत्र की जिन प्रमुख सड़कों की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है, उनमें मोटर मार्केट रोड, मनीमाजरा मुख्य बाजार की सड़क, फन रिपब्लिक की ओर जाने वाली सड़क तथा शिवालिक गार्डन चौक से समाधि गेट होते हुए बाजार तक जाने वाला मार्ग शामिल है।
स्थानीय लोगों के अनुसार इन सड़कों पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन चुके हैं, कई हिस्सों में सड़क धंस गई है और तारकोल उखड़ चुका है। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जब गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
24×7 जलापूर्ति परियोजना के बाद बिगड़ी सड़कों की हालत
राजबीर सिंह भारतीय ने बताया कि शिवालिक गार्डन चौक से समाधि गेट की ओर जाने वाली सड़क पर वर्ष 2024 में 24×7 जलापूर्ति स्मार्ट सिटी पायलट प्रोजेक्ट के तहत पाइपलाइन बिछाई गई थी। यह परियोजना चंडीगढ़ की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल थी और इसका उद्घाटन भारत सरकार के माननीय गृहमंत्री द्वारा किया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि उद्घाटन कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए सड़क की मरम्मत जल्दबाजी में कर दी गई, जबकि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क को तकनीकी मानकों के अनुरूप पूरी तरह से पुनर्स्थापित नहीं किया गया। परिणामस्वरूप कुछ ही समय में सड़क की सतह उखड़ने लगी और कई स्थानों पर सड़क धंस गई।
परियोजना के परिणामों पर भी उठ रहे सवाल
राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि जिस 24×7 जलापूर्ति परियोजना को क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया गया था, वह अपेक्षित परिणाम देने में विफल रही है। उनके अनुसार परियोजना की कार्यप्रणाली और परिणामों को लेकर कई सवाल खड़े हो चुके हैं तथा मामले की विजिलेंस जांच भी चल रही है।
उन्होंने कहा कि यदि परियोजना के तहत किए गए कार्यों का सही तरीके से मूल्यांकन किया जाए तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि न केवल जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है, बल्कि इसके कारण सड़कों की स्थिति भी गंभीर रूप से खराब हो गई है।
दोपहिया और ई-रिक्शा चालकों के लिए सबसे बड़ा खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन सड़कों पर प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। इनमें दोपहिया वाहन चालक, ई-रिक्शा चालक, स्कूल जाने वाले विद्यार्थी, व्यापारी और ग्राहक बड़ी संख्या में शामिल हैं।
राजबीर सिंह भारतीय ने चेतावनी देते हुए कहा कि सड़कों की वर्तमान स्थिति किसी भी समय बड़े हादसे को जन्म दे सकती है। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालक और इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (ई-रिक्शा) चालक सबसे अधिक जोखिम में हैं, क्योंकि गड्ढों और उखड़ी हुई सड़क के कारण वाहन असंतुलित होने की संभावना बनी रहती है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ही आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ रहा असर
मनीमाजरा की मोटर मार्केट चंडीगढ़ के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में गिनी जाती है। यहां प्रतिदिन हजारों लोग विभिन्न व्यावसायिक कार्यों और खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। व्यापारियों का कहना है कि सड़कों की खराब स्थिति के कारण ग्राहकों को असुविधा होती है और बाजार की छवि प्रभावित हो रही है।
स्थानीय व्यापारियों के अनुसार बाहर से आने वाले लोग जब इन टूटी और जर्जर सड़कों को देखते हैं तो चंडीगढ़ के स्मार्ट सिटी मॉडल पर सवाल उठाते हैं। इससे न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा है बल्कि शहर की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंच रहा है।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
राजबीर सिंह भारतीय ने चंडीगढ़ प्रशासन, नगर निगम और संबंधित विभागों से मांग की है कि क्षेत्र की सभी क्षतिग्रस्त सड़कों का तत्काल तकनीकी सर्वेक्षण कराया जाए और गुणवत्तापूर्ण तरीके से उनकी मरम्मत एवं पुनर्निर्माण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने यह भी मांग की कि 24×7 जलापूर्ति परियोजना की वास्तविक स्थिति की स्वतंत्र समीक्षा कराई जाए ताकि यह पता लगाया जा सके कि परियोजना पर खर्च किए गए सार्वजनिक धन का कितना प्रभावी उपयोग हुआ है।
स्मार्ट सिटी की छवि पर लगा दाग
राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि मनीमाजरा चंडीगढ़ का एक महत्वपूर्ण आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र है। यहां की बदहाल सड़कें स्मार्ट सिटी की अवधारणा और प्रशासनिक दावों पर प्रश्नचिह्न लगा रही हैं। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा और शहर की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
क्या बोले राजबीर सिंह भारतीय
“प्रशासन हादसे का इंतजार करने के बजाय तुरंत कार्रवाई करे। जनता की सुरक्षा किसी भी परियोजना या कागजी उपलब्धि से अधिक महत्वपूर्ण है।”



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