वार्ड नंबर 9 से निर्दलीय उम्मीदवार राजेश गुप्ता ने भरा नामांकन, बोले – “जनता के मुद्दों पर होगी राजनीति”
वार्ड नंबर 9 से निर्दलीय उम्मीदवार राजेश गुप्ता ने अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए पारंपरिक राजनीति और स्थानीय व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वे राजनीति में आने के इच्छुक नहीं थे, लेकिन क्षेत्र की समस्याओं और सामाजिक संगठनों के दबाव के चलते उन्हें चुनावी मैदान में उतरना पड़ा।
राजेश गुप्ता ने कहा कि उनके लिए यह चुनाव किसी राजनीतिक महत्वाकांक्षा का नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का विषय है। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत धार्मिक नारों के साथ करते हुए कहा कि “कुछ अदृश्य शक्तियों” के आदेश और जनता के समर्थन ने उन्हें यह कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि नामांकन दाखिल करने के बाद से ही क्षेत्र के लोगों का उन्हें लगातार समर्थन मिल रहा है और उनके कार्यालय में लोगों का तांता लगा हुआ है। गुप्ता ने दावा किया कि पिछले 18-20 वर्षों से वे सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से क्षेत्र में सक्रिय रूप से सेवा कार्य कर रहे हैं और आज वही कार्यकर्ता व समर्थक उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।
“रिवायती पार्टियों ने जनता को निराश किया”
गुप्ता ने बिना किसी पार्टी का नाम लिए कहा कि बड़ी राजनीतिक पार्टियां गुटबाजी का शिकार हो चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नामांकन के दौरान ही विभिन्न दलों के कई-कई गुट दिखाई दिए, जिससे साफ है कि उनका ध्यान जनता की समस्याओं पर नहीं बल्कि आपसी राजनीति पर है।
उन्होंने पुराने समय के “ठिकरी पहरा” का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह गांवों में लोग मिलकर बाहरी चोर-डाकुओं से अपने घरों की रक्षा करते थे, उसी तरह अब समाज को राजनीतिक अव्यवस्था और स्वार्थी तत्वों से बचाने के लिए एकजुट होना पड़ेगा।
सड़क, गेट और सीवरेज बने मुख्य चुनावी मुद्दे
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए राजेश गुप्ता ने कहा कि उनके चुनावी मुद्दे पूरी तरह स्थानीय समस्याओं पर आधारित होंगे। उन्होंने वार्ड के तीन नंबर गेट, खराब सड़कों और सीवरेज व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन पांच वर्षों तक जिम्मेदार प्रतिनिधि क्षेत्र में कोई ठोस काम नहीं करवाते। गुप्ता ने सवाल उठाया कि यदि मौजूदा प्रतिनिधियों को काम करना था तो उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान ये समस्याएं क्यों नहीं सुलझाईं।
“हम राजनीति नहीं, सेवा करना जानते हैं”
राजेश गुप्ता ने कहा कि उन्हें पारंपरिक राजनीति का अनुभव भले न हो, लेकिन सामाजिक सेवा और प्रशासनिक कार्य करवाने का उन्हें लंबा अनुभव है। उन्होंने दावा किया कि वे पिछले 32 वर्षों से स्थानीय स्तर पर सक्रिय हैं और जनता के काम समय पर करवाने की क्षमता रखते हैं।
उन्होंने कहा कि चाहे प्रशासन हो या सरकार, यदि जनता उनके साथ खड़ी रही तो वे हर वैध कार्य को समय पर पूरा करवाएंगे। गुप्ता ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगे और हमेशा निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर ही चुनाव लड़ेंगे।
“सभी दलों में मेरे भाई हैं”
गुप्ता ने कहा कि उनका किसी पार्टी से विरोध नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व विधायक एनके शर्मा और विधायक रंधावा का नाम लेते हुए कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से किसी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर गलत राजनीति और चाटुकारिता ने व्यवस्था को कमजोर किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों में उनके समर्थक और परिचित मौजूद हैं, लेकिन वे किसी दल विशेष से जुड़कर राजनीति नहीं करना चाहते।
जनता से समर्थन की अपील
अंत में राजेश गुप्ता ने वार्ड नंबर 9 की जनता से अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि लोग वार्ड को “जागीर” समझने वाली राजनीति को खत्म करें। उन्होंने दावा किया कि उनके सामाजिक संगठनों से जुड़े 1270 से अधिक सदस्य और परिवार उनके साथ हैं और भविष्य में संगठन के योग्य कार्यकर्ताओं को भी चुनाव में आगे लाया जाएगा।




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