NEET परीक्षा को ‘लीक-प्रूफ’ बनाने की तैयारी तेज, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर उच्चस्तरीय बैठक
दोबारा परीक्षा निष्पक्ष और सुरक्षित कराने पर मंथन, सरकार के सामने भरोसा बहाल करने की बड़ी चुनौती
NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद केंद्र सरकार अब दोबारा परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की तैयारी में जुट गई है। इसी सिलसिले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के आवास पर बुधवार देर शाम उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा मंत्रालय, परीक्षा एजेंसियों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी NEET परीक्षा को “लीक-प्रूफ” बनाने की रणनीति तैयार करना और परीक्षा प्रक्रिया में मौजूद कमजोरियों की पहचान करना था। सरकार अब ऐसी व्यवस्था बनाने पर जोर दे रही है, जिससे प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति पूरी तरह रोकी जा सके।
कई वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल
बैठक में उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी, स्कूली शिक्षा सचिव संजय कुमार, NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह, CBSE चेयरमैन राहुल सिंह, केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय समिति के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था, प्रश्नपत्र वितरण प्रणाली, डिजिटल निगरानी, परीक्षा केंद्रों की जवाबदेही और तकनीकी सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
सरकार के सामने दोहरी चुनौती
केंद्र सरकार के सामने फिलहाल दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहली, लाखों छात्रों के भविष्य को देखते हुए जल्द से जल्द NEET परीक्षा दोबारा आयोजित करना और दूसरी, परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष एवं सुरक्षित बनाना।
शिक्षा मंत्रालय इस बात को लेकर गंभीर है कि दोबारा होने वाली परीक्षा में किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक चूक न हो। पेपर लीक विवाद के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच जो अविश्वास पैदा हुआ है, उसे दूर करना सरकार की प्राथमिकता माना जा रहा है।
परीक्षा प्रक्रिया में बड़े बदलाव संभव
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण की निगरानी मजबूत की जाए। अधिकारियों ने प्रश्नपत्र प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्टेशन और सेंटर तक पहुंचाने की प्रक्रिया में नई सुरक्षा प्रणाली लागू करने पर विचार किया।
सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा केंद्रों पर CCTV निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग, बायोमेट्रिक सत्यापन और एन्क्रिप्टेड प्रश्नपत्र वितरण जैसे विकल्पों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा, संवेदनशील जिलों और कोचिंग हब वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने का प्रस्ताव भी रखा गया।

पेपर लीक के बाद बढ़ा दबाव
3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को 12 मई को रद्द कर दिया गया था। परीक्षा में करीब 22 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे। पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे।
इस मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दिया। कई छात्र संगठनों और मेडिकल एसोसिएशनों ने निष्पक्ष जांच और दोबारा परीक्षा की मांग की थी।
CBI जांच में लगातार खुलासे
पेपर लीक मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रहा है। एजेंसी अब तक कई राज्यों में छापेमारी कर चुकी है और सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों — मंगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार और यश यादव — को सात दिन की CBI हिरासत में भेज दिया है।
जांच एजेंसियों को संदेह है कि पेपर लीक नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था और इसमें कोचिंग सेंटरों, तकनीकी माध्यमों तथा बिचौलियों की भूमिका हो सकती है।
छात्रों में चिंता और मानसिक दबाव
परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा की तैयारी के बीच लाखों छात्र मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने लंबे समय तक कठिन तैयारी की थी, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं ने उनकी मेहनत पर असर डाला है।
अभिभावकों ने भी सरकार से ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की है, जिसमें परीक्षा की विश्वसनीयता और निष्पक्षता पूरी तरह सुनिश्चित हो सके।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों ने देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में गड़बड़ी का असर केवल छात्रों पर ही नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की साख पर पड़ता है।
शिक्षाविदों का कहना है कि केवल दोबारा परीक्षा आयोजित करना समाधान नहीं होगा। परीक्षा संचालन से जुड़े तंत्र में व्यापक सुधार, जवाबदेही तय करना और तकनीकी सुरक्षा को मजबूत बनाना आवश्यक है।
जल्द जारी हो सकता है नया शेड्यूल
सूत्रों के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय और NTA जल्द ही दोबारा परीक्षा से जुड़ा विस्तृत शेड्यूल जारी कर सकते हैं। इसमें नए एडमिट कार्ड, सुरक्षा दिशा-निर्देश और परीक्षा केंद्रों से संबंधित जानकारी शामिल होगी।
सरकार का प्रयास है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे और छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
NEET विवाद के बाद अब पूरे देश की नजर सरकार की अगली रणनीति और CBI जांच पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि शिक्षा मंत्रालय परीक्षा प्रणाली में भरोसा बहाल करने के लिए कितने प्रभावी कदम उठा पाता है।




Leave a Reply
Want to join the discussion?Feel free to contribute!