जीवन का सार है राम की मर्यादा और कृष्ण का माधुर्य
भगवान कृष्ण की बहुपत्नीत्व लीला और श्रीराम के एक पत्नीत्व व्रत, दोनों को यदि ‘इतिहास’ या ‘सामाजिक आचरण’ की कसौटी पर नहीं, बल्कि ‘दार्शनिक‑आध्यात्मिक संकेत’ के रूप में समझा जाए, तब उनके बीच का गहरा भेद और सामंजस्य दोनों स्पष्ट होते हैं। वैष्णव परंपरा में श्रीकृष्ण को पूर्ण लीला पुरुषोत्तम तथा श्रीराम को […]
