चुनाव आचार संहिता लागू पर : सत्ता के चरणों में नतमस्तक दिखाई पड़ रहा पंचकूला का प्रशासन
13 अप्रैल को दोपहर 12:00 बजे नगर निगम चुनाव के लिए आचार संहिता लागू हो गई है पर शायद पंचकूला प्रशासन को इस बारे में या तो जानकारी नहीं मिली है या जानकारी मिलने के बावजूद भी पंचकूला प्रशासन आदर्श आचार संहिता लागू करने में फेल साबित हो रहा है जिसका सीधा जीता जागता सबूत है 14 अप्रैल को शाम को 5:00 बजे आधे से ज्यादा पंचकूला नगर निगम के शहरी क्षेत्र में भाजपा नेताओं के बोर्ड लगे हुए नजर आ रहे हैं । और जिम्मेदार प्रशासन जिनके कंधों पर आदर्श आचार संहिता को लागू करवाने की जिम्मेदारी है पूरी तरीके से आंख बंद किए बैठा हुआ जैसे किसी भी अधिकारी को कोई भी खबर है ही नहीं ।
नगर निगम चुनाव की घोषणा के साथ आचार संहिता लागू, इनेलो ने उठाए निष्पक्षता पर सवाल
हरियाणा चुनाव आयोग द्वारा नगर निगम चुनाव की घोषणा के साथ ही जिले में आचार संहिता लागू हो गई है। चुनावी प्रक्रिया शुरू होते ही प्रशासनिक स्तर पर नियमों के सख्ती से पालन की अपेक्षा की जा रही है, लेकिन इसी बीच विपक्ष ने व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं शहरी जिलाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि आचार संहिता लागू होने के बावजूद शहर में सत्तारूढ़ दल के नेताओं के होर्डिंग और कटआउट अब भी प्रमुख स्थानों पर लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि शहर के चौराहों, ट्रैफिक लाइट्स और बाजारों में राजनीतिक प्रचार सामग्री खुलेआम दिखाई दे रही है, जो नियमों का उल्लंघन है।
मनोज अग्रवाल ने कहा कि चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद निगम अधिकारियों को सभी राजनीतिक दलों के विज्ञापन हटवाने चाहिए थे, ताकि निष्पक्ष चुनावी माहौल सुनिश्चित किया जा सके। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने सरकार के दबाव में कार्रवाई नहीं की, जिससे प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इनेलो नेता ने मांग की कि संबंधित अधिकारी आचार संहिता के नियमों का कड़ाई से पालन करवाएं और सभी राजनीतिक दलों के होर्डिंग व प्रचार सामग्री को तुरंत हटाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है।
वहीं, प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन इस मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें।
आचार संहिता लागू 3 महीने पुराने फोल्डिंग आज भी लगे : सिहाग
हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 13 अप्रैल 2026 को नगर निगम पंचकूला चुनाव की अधिसूचना जारी किए जाने के साथ ही पूरे निगम क्षेत्र में आचार संहिता लागू हो गई है। चुनावी प्रक्रिया शुरू होने के बाद प्रशासन से नियमों के सख्त पालन की अपेक्षा की जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है।
शहर के विभिन्न चौक-चौराहों, ट्रैफिक पॉइंट्स और सार्वजनिक स्थानों पर सत्तारूढ़ दल के नेताओं के होर्डिंग और कटआउट अब भी लगे हुए हैं। स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि आचार संहिता लागू होने के बाद इस तरह के प्रचार सामग्री को तुरंत हटाया जाना आवश्यक होता है। यह कहना है जननायक जनता पार्टी के पंचकूला इकाई अध्यक्ष ओ पी सिहाग का ।
विपक्षी दलों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि महीनों से लगे ये होर्डिंग चुनाव घोषणा के बाद भी जस के तस बने हुए हैं, जो आचार संहिता के नियमों की अनदेखी को दर्शाता है। उनका कहना है कि इससे चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं और प्रशासन की भूमिका भी संदेह के घेरे में आती है।
इस संदर्भ में नगर निगम पंचकूला के आयुक्त से सिहाग ने अपील की है कि वे जल्द से जल्द कार्रवाई करते हुए सभी राजनीतिक होर्डिंग्स को हटवाएं, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावी माहौल सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि लंबे समय से लगे इन प्रचार बोर्डों से आम लोग भी असहज महसूस कर रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कब तक कार्रवाई की जाती है।
केंद्रीय मंत्री का कार्यक्रम भाजपा नेताओं के बधाई संदेश के बोर्ड चौराहों पर
मंगलवार को पंचकूला में अंबेडकर जयंती का था कार्यक्रम और केंद्रीय मंत्री ने आना था जिसको लेकर भाजपा नेताओं ने अपने-अपने चेहरे के साथ होल्डिंग लगवा दिए थे । बल्कि कई सरकारी पोल के ऊपर तो भाजपा के झंडे भी नजर आए । जबकि नियम यह कहता है कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी सरकारी पल पर किसी भी पार्टी का ना तो विज्ञापन लगाया जाएगा ना ही कोई झंडा अगर कोई विज्ञापन या झंडा लगाया जाना है तो उसके लिए बाकायदा परमिशन ली जाती है पर इस मामले में चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद भी झंडा बैनर पोस्टर सब कुछ लगे हुए दिखाई पड़े । ऐसे में निष्पक्ष चुनाव आचार संहिता की धज्जियां तो पहले दिन ही उड़ चुकी है आने वाले समय में प्रशासन कितना निष्पक्ष रहेगा और कितना सत्ता के पक्ष में रहेगा यह वक्त बताएगा ।



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