पंचकूला नगर निगम चुनाव में मेयर की जंग तेज, 6 उम्मीदवार मैदान में, 2 लाख से अधिक मतदाता करेंगे फैसला
पंचकूला नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मेयर पद के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं, जबकि पार्षद पदों के लिए भी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। नगर निगम के 20 वार्डों में मतदान 10 मई 2026 को होगा, जिसमें कुल 2 लाख 7 हजार से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनावी मुकाबला जहां राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है, वहीं प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया है।
मेयर पद की दौड़ में छह उम्मीदवार
नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मेयर पद के लिए कुल 6 प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे हैं। इनमें प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के साथ कुछ निर्दलीय चेहरों की मौजूदगी मुकाबले को और दिलचस्प बना रही है। भाजपा प्रत्याशी श्यामलाल बंसल द्वारा दो नामांकन दाखिल किए गए थे, जिनमें से नाम वापसी के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है। कांग्रेस और अन्य दलों के प्रत्याशी भी पूरे दमखम के साथ मैदान में हैं। अब मुकाबला सीधा और बहुकोणीय होता नजर आ रहा है, जिससे वोटों का बंटवारा परिणामों को प्रभावित कर सकता है।
वार्ड स्तर पर सियासी हलचल, कई बागी मैदान में
नगर निगम के 20 वार्डों में पार्षद पद के लिए कुल 123 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था, जिनमें से 8 नामांकन रद्द हो गए। नाम वापसी के बाद कई वार्डों में बागी उम्मीदवारों की मौजूदगी ने राजनीतिक समीकरणों को जटिल बना दिया है। वार्ड 1, 3 और 4 से भाजपा के बागी उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिया है, जबकि वार्ड 6, 12 और 14 में कुछ बागी उम्मीदवार अभी भी मैदान में डटे हुए हैं। वार्ड 8 में सबसे अधिक प्रत्याशी होने के कारण यहां मुकाबला सबसे कठिन माना जा रहा है।
2.07 लाख से अधिक मतदाता करेंगे मतदान
चुनाव आयोग के अनुसार पंचकूला नगर निगम क्षेत्र में कुल 2 लाख 7 हजार 379 मतदाता हैं, जिनमें 1 लाख 8 हजार 927 पुरुष, 98 हजार 447 महिला मतदाता और 5 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। मतदाता सूची के अनुसार कई वार्डों में पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर है, जिससे महिला मतदाताओं की भूमिका इस चुनाव में निर्णायक मानी जा रही है।
20 वार्डों में 204 मतदान केंद्र स्थापित
चुनाव को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने 20 वार्डों में कुल 204 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं। इनमें सबसे अधिक 13 बूथ वार्ड 17 में और सबसे कम 8 बूथ वार्ड 8, 9 और 15 में बनाए गए हैं। मतदान केंद्रों का वितरण इस तरह किया गया है कि हर क्षेत्र में मतदाताओं को सुविधा मिल सके और भीड़भाड़ की स्थिति से बचा जा सके।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 5 अंतरराज्यीय नाकों पर निगरानी
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश से लगते 5 अंतरराज्यीय बॉर्डर नाकों पर 24 घंटे कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा शहर के भीतर भी लगातार चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि अवैध शराब, हथियार और नशीले पदार्थों की आवाजाही पर रोक लगाई जा सके।
प्रशासन की ओर से आचार संहिता लागू होने के बाद से ही विशेष निगरानी तंत्र सक्रिय कर दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और गश्त बढ़ा दी गई है।
राजनीतिक दलों की रणनीति तेज
चुनाव की तारीख नजदीक आते ही सभी राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। डोर-टू-डोर प्रचार, जनसभाएं और स्थानीय मुद्दों पर फोकस के साथ प्रत्याशी मतदाताओं को साधने में जुट गए हैं। विकास, स्वच्छता, सड़क और बुनियादी सुविधाएं इस बार चुनावी मुद्दों के केंद्र में हैं।
प्रशासन और जनता दोनों के लिए अहम चुनाव
पंचकूला नगर निगम चुनाव न केवल राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल है, बल्कि शहरी विकास की दिशा तय करने वाला भी माना जा रहा है। 20 वार्डों में फैला यह चुनाव आने वाले वर्षों में नगर निगम की कार्यप्रणाली और शहर के विकास मॉडल को प्रभावित करेगा। ऐसे में सभी की निगाहें अब 10 मई को होने वाले मतदान और उसके बाद आने वाले नतीजों पर टिकी हैं।




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