एलपीजी बुकिंग का नया नियम गांव में अब 45 दिन पर होगी बुकिंग
LPG संकट पर संसद में हंगामा, TMC सांसदों ने बर्तन बजाकर जताया विरोध
अयोध्या में आधे से ज्यादा होटल हो सकते हैं बंद , संत महंत भी परेशान
एलजी किल्लत से ज्यादा बड़ी हुई ओट न आना
रसोई गैस की कथित कमी और बढ़ती कीमतों को लेकर संसद में गुरुवार को जोरदार हंगामा देखने को मिला। Trinamool Congress (टीएमसी) की महिला सांसदों ने लोकसभा में थाली, फ्राईंग पैन और चम्मच बजाकर विरोध दर्ज कराया, जिससे सदन का माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया।
बताया गया कि जब भाजपा सांसद Jagadambika Pal सदन में बोल रहे थे, उसी दौरान टीएमसी सांसदों ने एलपीजी संकट के मुद्दे पर अनोखे तरीके से प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध करने वाली सांसदों में Mahua Moitra, Pratima Mondal, Sayani Ghosh, June Malia और Mala Roy शामिल थीं। उनका कहना था कि देश में एलपीजी सिलेंडरों की कमी और बढ़ती कीमतों से आम लोगों की रसोई प्रभावित हो रही है।
इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के बीच देश को एकजुट होकर चुनौतियों का सामना करना चाहिए और इस विषय पर राजनीतिक टकराव से बचना चाहिए।
विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। Rahul Gandhi ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े फैसलों और विदेश नीति की कमजोरियों के कारण देश को ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कांग्रेस के राज्यसभा सांसद Shaktisinh Gohil ने एलपीजी की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार से जवाब मांगा और कहा कि गांवों तक गैस पहुंचाने के दावों के बावजूद आज आम लोगों को महंगी गैस और सप्लाई की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
संसद के भीतर हुए इस विरोध प्रदर्शन के बाद एलपीजी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
अयोध्या में 48 घंटे में आधे होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की आशंका
Ayodhya में एलपीजी गैस की कमी का असर पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों पर भी दिखाई देने लगा है। गैस की आपूर्ति बाधित होने के कारण शहर के होटल, रेस्टोरेंट और ढाबे गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि यदि अगले 48 घंटे में स्थिति नहीं सुधरी तो शहर के करीब 50 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत आ सकती है।
स्थानीय व्यापार मंडल के अनुसार शहर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति लगभग ठप हो जाने से भोजन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कई होटल और रेस्टोरेंट ने मेन्यू सीमित कर दिया है, जबकि कुछ प्रतिष्ठान अस्थायी रूप से बंद भी किए जा चुके हैं।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष Pankaj Gupta ने कहा कि गैस की कमी के कारण कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि जल्द आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो बड़ी संख्या में भोजनालय बंद हो सकते हैं, जिससे शहर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी कठिनाई पैदा हो सकती है।
गैस संकट का असर धार्मिक व्यवस्थाओं पर भी पड़ रहा है। कई स्थानों पर मंदिरों में चलने वाले भंडारों की व्यवस्था सीमित कर दी गई है और प्रसाद के रूप में फल वितरित किए जा रहे हैं। व्यापारियों और साधु-संतों ने भी इस मुद्दे पर बैठक कर स्थिति से निपटने की रणनीति पर चर्चा की है।
स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि वे वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कोयले या अन्य ईंधन के इस्तेमाल पर विचार कर रहे हैं, लेकिन स्थायी समाधान गैस आपूर्ति सामान्य होने पर ही संभव है।
एलपीजी संकट के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर बुकिंग अवधि बढ़ी
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच देश के कई हिस्सों में एलपीजी आपूर्ति को लेकर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसी बीच ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलेंडर की बुकिंग अवधि 25 दिनों से बढ़ाकर 45 दिन कर दी गई है, जबकि शहरी क्षेत्रों में फिलहाल बुकिंग का अंतराल 25 दिन ही रखा गया है।
जानकारी के अनुसार गैस की कमी की आशंका के चलते कई स्थानों पर लोग जल्दी-जल्दी सिलेंडर बुक करा रहे हैं, जिससे एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है। कुछ इलाकों में सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारें भी देखी जा रही हैं और प्रशासन कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए निगरानी बढ़ा रहा है।
इस बीच Ministry of Petroleum and Natural Gas ने लोगों से अपील की है कि घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर बुक करने की आवश्यकता नहीं है। मंत्रालय के अनुसार घरेलू एलपीजी की मांग पूरी करने के लिए देश में पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
मंत्रालय का कहना है कि आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित रखने के लिए रिफाइनरी कंपनियों ने एलपीजी उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत तक वृद्धि की है। साथ ही वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में भारत ने कच्चे तेल के वैकल्पिक स्रोतों से आयात की व्यवस्था भी शुरू कर दी है, ताकि ऊर्जा आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए।
LPG की किल्लत से ज्यादा लोग ओटीपी ना आने से है परेशान
एलजी की किल्लत तो अमेरिका इजरायल ईरान युद्ध की वजह से है । पर आधे से ज्यादा देश में एलजी बुक करने के बाद आने वाला ओटीपी ना आने से भी लोग ज्यादा पैनिक हो रहे हैं । और यह भी एक वजह है, कि लोग धड़ाधड़ गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेकर पहुंच रहे हैं और संचालक परेशान है ।
दरअसल गैस डिलीवरी का नियम है कि जब तक ओटीपी डिलीवरी मैन को नहीं मिलेगा वह गैस नहीं दे सकता और यही पैनिक का सबसे बड़ा कारण बन रहा है ।
सरकार की अपील पैनिक ना हो फालतू के सिलेंडर ना भरवाए LPG की कमी नहीं
सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि एलपीजी को लेकर पैनिक ना हो ना ही दूसरों तक किसी प्रकार की अफवाह फैलाए , सरकार का कहना है कि कंपनियों ने अब 25% उत्पादन बढ़ा दिया है जिसका असर अगले कुछ दिनों के अंदर दिखाई पडना शुरू हो जाएगा ।



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