श्रीलंका के दक्षिणी तट पर ईरानी युद्धपोत पर हमला, 101 लापता; बड़े स्तर पर बचाव अभियान जारी
पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के बीच श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास एक ईरानी युद्धपोत पर कथित पनडुब्बी हमले की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना में अब तक 101 लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि दर्जनों को सुरक्षित निकाला गया है।
बताया जा रहा है कि ईरानी नौसेना का फ्रिगेट आईरिस देना (IRIS Dena) हमले के बाद डूब गया। यह पोत हाल ही में भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास मिलान 2026 में भाग लेने के बाद ईरान लौट रहा था।
79 लोगों को बचाया गया, कई घायल
श्रीलंका नौसेना के एक सूत्र ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि अब तक 79 लोगों को बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया है। इनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि अन्य को अलग-अलग स्तर की चोटें आई हैं।
श्रीलंका के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार कुछ घायलों का आपातकालीन उपचार जारी है। बचाव अभियान में नौसेना के जहाजों और वायुसेना के विमानों को तैनात किया गया है।
श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेरथ ने संसद में बताया कि 180 लोगों को ले जा रहा जहाज संकट में होने की सूचना मिलने के बाद तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया।
युद्ध का विस्तार, क्षेत्र में बढ़ता तनाव
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ईरान और इज़राइल के बीच संघर्ष लगातार तेज हो रहा है। युद्ध के पांचवें दिन अमेरिका और इज़राइल द्वारा तेहरान सहित कई ठिकानों पर हवाई हमले किए गए, जिसके जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं।
इसी बीच ईरान की अर्धसैनिक इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने दावा किया है कि उसने हिंद महासागर में ईरान की सीमा से सैकड़ों किलोमीटर दूर एक अमेरिकी विध्वंसक पोत को निशाना बनाया।
आईआरजीसी के मुताबिक, हमले में ‘गद्र-380’ मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल और ‘तलाइह’ क्रूज मिसाइल प्रणाली का इस्तेमाल किया गया। संगठन का दावा है कि हमले के समय अमेरिकी पोत एक टैंकर से ईंधन भर रहा था और दोनों जहाजों पर व्यापक आग लगी।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि श्रीलंका के तट के पास हुआ यह हमला हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते सैन्य जोखिम का संकेत है। यदि यह घटना संघर्ष के व्यापक विस्तार का हिस्सा साबित होती है, तो अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
फिलहाल श्रीलंका प्रशासन ने समुद्री गतिविधियों पर सतर्कता बढ़ा दी है और लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। आधिकारिक स्तर पर हमले की जिम्मेदारी को लेकर स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है, लेकिन घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है।




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