पालतू कुत्ते के चाटने से गंभीर संक्रमण, 24 घंटे में महिला के दोनों हाथ-पैर काटने पड़े
नई दिल्ली। पालतू जानवरों के साथ लापरवाही कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकती है। हाल ही में एक महिला के साथ हुई घटना ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों को भी चिंतित कर दिया है। मामूली खरोंच को नजरअंदाज करना और उस पर पालतू कुत्ते का चाटना इतना घातक साबित हुआ कि महिला को गंभीर संक्रमण के चलते 24 घंटे के भीतर अपने दोनों हाथ और दोनों पैर गंवाने पड़े। चिकित्सकों का कहना है कि यह मामला सेप्टिक शॉक का था, जो समय रहते इलाज न मिलने पर तेजी से जानलेवा रूप ले सकता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मंजीत संघा नाम की महिला अपने पालतू कुत्ते के साथ खेल रही थीं। इसी दौरान उनके हाथ पर हल्की सी खरोंच आ गई। बताया जा रहा है कि घाव छोटा होने के कारण उन्होंने उसे गंभीरता से नहीं लिया। कुछ ही देर बाद उनके पालतू कुत्ते ने उस स्थान को चाट लिया। प्रारंभ में सब सामान्य लगा, लेकिन कुछ घंटों के भीतर महिला की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें तेज बुखार, कमजोरी और रक्तचाप में गिरावट की शिकायत हुई।
स्थिति तेजी से गंभीर होती चली गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि महिला को सेप्टिक शॉक हो गया है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. हिमांशु गुप्ता के अनुसार कुत्तों की लार में ‘कैप्नोसाइटोफागा’ नामक बैक्टीरिया पाया जा सकता है। सामान्यतः यह बैक्टीरिया कुत्तों के लिए हानिकारक नहीं होता, लेकिन यदि यह किसी खुले घाव के माध्यम से मानव रक्त में प्रवेश कर जाए तो गंभीर संक्रमण फैला सकता है। कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में इसका असर और अधिक घातक हो सकता है।

डॉक्टरों के मुताबिक संक्रमण ने महिला के शरीर में तेजी से फैलकर अंगों तक रक्त प्रवाह को प्रभावित कर दिया। परिणामस्वरूप हाथ और पैरों के ऊतक नष्ट होने लगे। हालत इतनी बिगड़ गई कि महिला को कार्डियक अरेस्ट का सामना करना पड़ा और वे कोमा में चली गईं। चिकित्सकीय टीम ने उनकी जान बचाने के लिए आपात निर्णय लेते हुए दोनों हाथ और दोनों पैरों को काटने का फैसला किया। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह कदम समय पर नहीं उठाया जाता तो संक्रमण पूरे शरीर में फैलकर घातक साबित हो सकता था।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि पालतू जानवरों के साथ रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। किसी भी प्रकार की खरोंच, कट या घाव को खुला न छोड़ें और उसे तुरंत साबुन और स्वच्छ पानी से अच्छी तरह साफ करें। यदि किसी पालतू जानवर ने घाव को चाटा हो या काट लिया हो, तो बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लें। बुखार, सूजन, लालिमा, तेज दर्द या चक्कर जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
डॉक्टरों ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी कुत्तों के चाटने से ऐसा संक्रमण नहीं होता, लेकिन जोखिम पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता। विशेष रूप से बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, मधुमेह के मरीज या जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। पालतू जानवरों का नियमित टीकाकरण और स्वच्छता भी संक्रमण के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
यह घटना पालतू पशुओं के प्रति प्रेम और देखभाल के साथ-साथ जिम्मेदारी और जागरूकता की भी याद दिलाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सतर्कता और समय पर उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।




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