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बदलते पोषण परिदृश्य में सूचित विकल्प का अधिकार – डॉ. सत्यवान सौरभ भारत का पोषण परिदृश्य तीव्र परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। लंबे समय तक सार्वजनिक नीति का केंद्र भूख, कुपोषण और खाद्य उपलब्धता रहा, परंतु आज देश दोहरे पोषण संकट का सामना कर रहा है। एक ओर बच्चों और महिलाओं में अल्पपोषण, […]
