ऐ महंगाई, तू क्यों आई
ऐ महंगाई,कमर तोड़ दी गरीब की, ऐ महंगाई तू क्यों आई,हर तरफ उदासी है छाई, ऐ महंगाई तू क्यों आई। महंगा हो गया आटा, नमक, सब्जी हो या दाल,बजट सबका लड़खड़ा गया है, बदल गई है चाल।मजदूर, किसान हो या कर्मचारी,चाहे छात्र हो या व्यापारी,हो गया है सबका बुरा हाल,महंगाई की मार से बचा नहीं […]
