एक दिवस में क्यों बंधे, हिंदी का अभियान
“एक दिवस में क्यों बंधे, हिंदी का अभियान।रचे-बसे हर पल रहे, हिंदी हिंदुस्तान।।” — डॉ. प्रियंका सौरभ हिंदी दिवस केवल एक औपचारिक उत्सव बनकर न रह जाए, बल्कि हिंदी हमारी चेतना, व्यवहार और जीवन का स्थायी हिस्सा बने—यही इस दिवस की सार्थकता है। भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं होती, बल्कि वह संस्कृति, परंपरा, संवेदना और […]

