मेदांता में 600 जवानों की सुरक्षा के बीच सोनम वांगचुक, बोले- भरोसा मिले तो आज ही खत्म कर दूंगा अनशन
गुरुग्राम। लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार समर्थक सोनम वांगचुक का अनशन गुरुवार को 26वें दिन भी जारी है। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने सरकार से भरोसा मिलने पर अनशन खत्म करने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार यह आश्वासन दे कि छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी, तो वह आज ही भूख हड़ताल समाप्त कर सकते हैं।
वांगचुक ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि अनशन को 25 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन वह अभी भी संघर्ष जारी रखे हुए हैं। उन्होंने बताया कि कुछ सांसद उनसे मिलने पहुंचे थे और उन्होंने अनशन खत्म करने की अपील की थी।
उन्होंने कहा, “अगर सरकार की तरफ से भरोसा मिलता है तो मैं आज ही अनशन खत्म करने को तैयार हूं। बस सरकार छात्रों के खिलाफ कार्रवाई न करे।”
जेपी नड्डा बोले- वांगचुक की चिट्ठी पर करेंगे चर्चा
वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि सरकार को सोनम वांगचुक की ओर से एक खुला पत्र मिला है। उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही इसका जवाब देगी।
नड्डा ने कहा कि प्रदर्शन से जुड़े लोगों की बात भी सरकार ने सुनी है और वे अपनी मांगें लिखित रूप में दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है और जरूरत पड़ने पर चर्चा की जाएगी।
मेदांता में सुरक्षा बढ़ाई गई, 600 पुलिसकर्मी तैनात
सोनम वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने और विपक्षी सांसदों के पहुंचने के बाद मेदांता अस्पताल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अस्पताल परिसर में करीब 600 पुलिसकर्मियों को तीन शिफ्टों में तैनात किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत अस्पताल का एक्जिट गेट बंद कर दिया गया है और आवाजाही के लिए केवल एंट्री गेट का इस्तेमाल किया जा रहा है। बाहरी वाहनों को भी उचित कारण और अपॉइंटमेंट की पुष्टि के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।
वांगचुक ने सरकार के सामने रखीं तीन मांगें
सोनम वांगचुक ने सरकार को भेजे पत्र में कई मांगें रखी हैं। इनमें पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने, मामले पर संसद में गंभीर चर्चा कराने और जवाबदेही तय करने की मांग शामिल है।
इसके अलावा उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार करने की मांग भी रखी है।
वांगचुक ने अनशन खत्म करने की शर्त के तौर पर कहा है कि 20 जुलाई को हुए ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कोई कानूनी कार्रवाई या उत्पीड़न नहीं किया जाए। उन्होंने आश्वासन मिलने के बाद अनशन समाप्त करने की बात कही है।
विपक्षी सांसदों को मिलने से रोका गया
बुधवार को आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा समेत कई विपक्षी सांसद सोनम वांगचुक से मिलने मेदांता पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें अस्पताल के गेट पर रोक दिया। इसके बाद कुछ सांसद वहीं धरने पर बैठ गए।
सांसदों ने आरोप लगाया कि सरकार वांगचुक की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है। वहीं पुलिस ने सुरक्षा और मेडिकल प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए मुलाकात की अनुमति नहीं दी।
डॉक्टरों ने जारी किया हेल्थ बुलेटिन
मेदांता अस्पताल के अनुसार, सोनम वांगचुक को 21 जुलाई की शाम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फिलहाल उन्हें आईसीयू में रखा गया है और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।
अस्पताल ने बताया कि उनकी हालत स्थिर है। उनके महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतक जैसे ब्लड प्रेशर, नाड़ी और ऑक्सीजन स्तर सामान्य हैं। डॉक्टरों की टीम उनकी सहमति से इलाज कर रही है।
गुरुग्राम में कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट
वांगचुक के समर्थन में संभावित प्रदर्शन को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने कांग्रेस के कई नेताओं को नजरबंद किया है। कांग्रेस के शहरी जिलाध्यक्ष पंकज डावर समेत कई नेताओं को घरों में रहने की हिदायत दी गई है।
पुलिस ने नेताओं को नोटिस जारी कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मेदांता अस्पताल की ओर मार्च या प्रदर्शन नहीं करने को कहा है।




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