हरियाणा में घटते लिंगानुपात पर सख्ती, 5 वरिष्ठ डॉक्टरों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू
हरियाणा में लगातार बिगड़ते लिंगानुपात को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रदर्शन में लापरवाही के आरोप में पांच वरिष्ठ डॉक्टरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। इससे पहले भी चार डॉक्टरों को निलंबित किया जा चुका है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य के 13 जिलों में लिंगानुपात 900 से नीचे दर्ज किया गया है, जो गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है। सबसे खराब स्थिति चरखी दादरी (768), नारनौल (847), गुरुग्राम (862), यमुनानगर (881) और सिरसा (883) जैसे जिलों में देखी गई है।
सरकार ने हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में लिंगानुपात सुधारने के लिए प्रभावी निगरानी और योजनाओं का सही क्रियान्वयन नहीं किया।
जिन अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू हुई है उनमें फरीदाबाद, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर और बल्लभगढ़ के सिविल सर्जन और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि 25 मई तक चार्जशीट का मसौदा तैयार कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
नियमों के तहत इन अधिकारियों पर वेतन वृद्धि रोकने से लेकर पदावनति, अनिवार्य सेवानिवृत्ति और बर्खास्तगी तक की कार्रवाई संभव है।
इससे पहले स्वास्थ्य विभाग ने चार अन्य जिलों के डॉक्टरों को भी इसी तरह के मामलों में निलंबित किया था। विभागीय स्तर पर हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद यह कार्रवाई तेज की गई है।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन ने कहा है कि वह पूरे मामले की जानकारी जुटा रहा है और फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं देगा।




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