काबुल पर एयरस्ट्राइक से तबाही: अस्पताल पर हमले में सैकड़ों मौतें,
अब कोई बातचीत नहीं होगी सीधे बदला लिया जाएगा : तालिबान
पाकिस्तान-अफगान तनाव खतरनाक मोड़ पर
दक्षिण एशिया में सुरक्षा हालात अचानक गंभीर हो गए हैं। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर हुए कथित हवाई हमलों ने व्यापक तबाही मचा दी है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रिहायशी इलाकों और सार्वजनिक संस्थानों को निशाना बनाए गए हमलों में बड़ी संख्या में नागरिक हताहत हुए हैं। सबसे अधिक नुकसान एक अस्पताल परिसर में हुआ, जहां सैकड़ों लोगों के मारे जाने और बड़ी संख्या में घायल होने की खबर है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सोमवार देर रात काबुल के आसमान में लगातार धमाकों की आवाजें गूंजती रहीं और कई इलाकों में आग की लपटें देखी गईं। प्रभावित क्षेत्रों में काबुल इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दारुलअमान और खैरखाना जैसे इलाके शामिल बताए जा रहे हैं। अस्पताल पर हुए हमले को लेकर स्थानीय प्रशासन और प्रत्यक्षदर्शियों ने भारी जनहानि का दावा किया है, जबकि घायलों की संख्या भी सैकड़ों में बताई जा रही है।
अफगानिस्तान की सत्तारूढ़ तालिबान ने इस हमले को देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया कि नागरिक ठिकानों, विशेषकर अस्पताल को निशाना बनाना “मानवता के खिलाफ अपराध” है और इसका जवाब दिया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान ने नागरिक ढांचे पर हमले के आरोपों से इनकार किया है। शहबाज शरीफ सरकार के प्रतिनिधियों का कहना है कि कार्रवाई केवल उन ठिकानों तक सीमित थी, जिन्हें सुरक्षा के लिए खतरा माना गया था।
आधिकारिक बयान में नागरिकों को निशाना बनाने की बात से साफ इनकार किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है, जब दोनों देशों के बीच सीमा क्षेत्र, खासकर डूरंड लाइन, को लेकर तनाव पहले से ही चरम पर है। पाकिस्तान लंबे समय से अफगान क्षेत्र में सक्रिय आतंकी समूहों को लेकर चिंता जताता रहा है, जबकि अफगान पक्ष इन आरोपों को खारिज करता आया है।
ताजा हमलों के बाद क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। यदि हालात जल्द नियंत्रित नहीं हुए, तो यह तनाव व्यापक सैन्य टकराव का रूप ले सकता है, जिसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और कूटनीतिक संतुलन पर पड़ेगा।
“अब बातचीत नहीं, जवाब मिलेगा”: काबुल हमले के बाद तालिबान का युद्धकारी रुख, क्षेत्रीय तनाव खतरनाक स्तर पर
काबुल/इस्लामाबाद। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। काबुल में हालिया एयर स्ट्राइक के बाद अफगानिस्तान की सत्ता में मौजूद तालिबान ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ संकेत दे दिया है कि अब कूटनीतिक रास्ते पीछे छूट चुके हैं और जवाबी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
राजधानी काबुल में हुए हमलों में एक नशा मुक्ति केंद्र समेत कई स्थानों को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस हमले में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं। यह घटना पहले से चल रहे सीमाई तनाव को खुली टकराव की दिशा में धकेलती नजर आ रही है।
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सख्त बयान देते हुए कहा कि अब “बातचीत और कूटनीति का समय समाप्त हो चुका है।” उन्होंने संकेत दिया कि अफगानिस्तान अब पाकिस्तान के खिलाफ प्रत्यक्ष जवाबी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। यह बयान दोनों देशों के बीच संभावित सैन्य टकराव की आशंका को और मजबूत करता है।
वहीं पाकिस्तान की ओर से इस तरह के नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने के आरोपों को पहले ही खारिज किया जा चुका है। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज हो रहा है, जिससे हालात और जटिल बनते जा रहे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह तनाव कोई अचानक उत्पन्न स्थिति नहीं है, बल्कि पिछले कुछ हफ्तों से डूरंड लाइन के आसपास बढ़ती झड़पों और आरोपों का परिणाम है। पाकिस्तान लंबे समय से अफगान क्षेत्र में सक्रिय आतंकी ठिकानों को लेकर चिंता जताता रहा है, जबकि अफगान पक्ष इसे अपनी संप्रभुता में दखल मानता है।
मौजूदा हालात में सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर दोनों पक्षों ने जल्द संयम नहीं बरता, तो यह विवाद सीमित संघर्ष से आगे बढ़कर व्यापक क्षेत्रीय संकट का रूप ले सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस घटनाक्रम पर टिकी है, क्योंकि दक्षिण एशिया में किसी भी बड़े टकराव का असर वैश्विक स्थिरता पर पड़ सकता है।




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