2 साल पहले निगम बैठक का प्रस्ताव कागजों में ?
पंचकूला में अवैध टैक्सी स्टैंड का जाल, प्रशासन की ‘मौन सहमति’ पर उठे सवाल
नगर निगम क्षेत्र में इन दिनों कई सेक्टरों में अवैध टैक्सी स्टैंड खुलेआम संचालित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये स्टैंड बिना किसी औपचारिक अनुमति के चल रहे हैं, बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर पर इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही। इससे अधिकारियों की भूमिका और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
शहर के विभिन्न सेक्टरों में सड़कों के किनारे खड़े वाहनों और अस्थायी टैक्सी स्टैंडों के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इन स्टैंडों के बारे में प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी जानकारी है, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। इसी कारण यह चर्चा भी चल रही है कि कहीं इन अवैध स्टैंडों को अप्रत्यक्ष सहमति तो नहीं मिली हुई।
गौरतलब है कि करीब दो वर्ष पहले Panchkula Municipal Corporation की बैठक में शहर में टैक्सी स्टैंड को नियमित करने और तय स्थानों पर अधिकृत स्टैंड विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि यह प्रस्ताव अब तक अमल में नहीं आ सका और फाइलों से आगे नहीं बढ़ पाया। नगर निगम का कार्यकाल समाप्त होने के बाद फिलहाल प्रशासनिक जिम्मेदारी अधिकारियों के पास है, ऐसे में नियमन और निगरानी की अपेक्षा और भी बढ़ गई है।
शहर में बढ़ते अवैध स्टैंडों के बीच नगर निगम आयुक्त विनय कुमार का फोकस मुख्य रूप से स्वच्छता रैंकिंग सुधारने पर देखा जा रहा है। हालांकि नागरिकों का कहना है कि स्वच्छता के साथ-साथ ट्रैफिक प्रबंधन और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण भी उतना ही जरूरी है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन समय रहते इन स्टैंडों को नियमित नहीं करता और अवैध संचालन पर कार्रवाई नहीं होती, तो आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस मुद्दे पर क्या कदम उठाता है।




Leave a Reply
Want to join the discussion?Feel free to contribute!