व्यंग्य : नेता मंच पर, कार्यकर्ता पंचनामे में और लोकतंत्र जिंदाबाद!
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान ही प्रदेश की व्यापारिक राजधानी और राजनीतिक राजधानी में एक ही दिन लोकतंत्र का एक और “उत्सव” संपन्न हुआ। पत्थरों की वर्षा के बीच विचारधारा की ऐसी गंगा बही कि कार्यकर्ता सीधे अस्पताल और फिर थाने के दर्शन कर आए। लोकतंत्र की खूबसूरती देखिए। पहले नारे, फिर धक्का-मुक्की, फिर […]
