महाराष्ट्र में बारिश का कहर: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भूस्खलन, रेल सेवाएं ठप; कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मुंबई: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश के कई हिस्सों में रफ्तार पकड़ ली है। सबसे अधिक असर महाराष्ट्र में देखने को मिल रहा है, जहां लगातार तीसरे दिन हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भूस्खलन, रेलवे ट्रैक पर मलबा आने, सड़कों पर जलभराव और तेज हवाओं के कारण परिवहन व्यवस्था चरमरा गई है। मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ समेत कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भूस्खलन, यातायात बंद
सोमवार तड़के मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के ‘मिसिंग लिंक’ सेक्शन में दूसरे टनल के निकास के पास भारी बारिश के चलते पहाड़ी से मलबा सड़क पर आ गिरा। सुरक्षा कारणों से पुणे से मुंबई जाने वाली लेन को तत्काल बंद कर दिया गया। कुछ समय के लिए मुंबई से पुणे जाने वाले मार्ग पर भी यातायात रोकना पड़ा।
राहत की बात यह रही कि भूस्खलन के समय वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) और ट्रैफिक पुलिस संयुक्त रूप से स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मलबा हटाने का कार्य जारी है और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है।
रेलवे ट्रैक पर भी मलबा, कई ट्रेनें रद्द
भारी बारिश का असर रेल सेवाओं पर भी पड़ा है। कर्जत और लोनावला के बीच दक्षिण-पूर्व घाट सेक्शन में ठाकुरवाड़ी और मंकी हिल के बीच भूस्खलन होने से रेलवे ट्रैक पर मलबा आ गया। इसके चलते मुंबई-पुणे रेल मार्ग की मुख्य लाइन प्रभावित हुई।
रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि कई अन्य ट्रेनों का मार्ग बदल दिया गया है। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मुंबई और ठाणे में जलभराव, तेज हवाओं का असर
मुंबई महानगर क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। ठाणे, वसई-विरार, पालघर और आसपास के क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात प्रभावित हुआ है।
ठाणे जिले में तेज हवाओं और बारिश के चलते सौ से अधिक पेड़ गिरने की सूचना है। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है।
मुंबई में तेज हवाओं की रफ्तार 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई, जिससे कई स्थानों पर पेड़, होर्डिंग और शाखाएं गिर गईं।
स्कूल-कॉलेजों में अवकाश
लगातार खराब मौसम को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने मुंबई में सरकारी, निजी और नगर निगम के सभी स्कूलों एवं कॉलेजों में अवकाश घोषित किया है।
प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
BMC ने जारी की एडवाइजरी
भारी बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए BMC ने नागरिकों के लिए विशेष सलाह जारी की है।
- बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।
- पेड़ों, जर्जर इमारतों, बिजली के खंभों और बड़े होर्डिंग्स से दूर रहें।
- जलभराव वाले क्षेत्रों और समुद्र तटों पर जाने से बचें।
- वाहनों को पेड़ों के नीचे पार्क न करें।
- किसी भी आपात स्थिति में BMC हेल्पलाइन 1916 पर संपर्क करें।
नगर निगम ने हालात से निपटने के लिए लगभग 15 हजार कर्मचारियों और अधिकारियों को विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया है।
पुणे में मकान पर गिरा मलबा, राहत अभियान जारी
पुणे जिले के मावल तालुका के पाटण गांव में भी भारी बारिश के चलते भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से आए मलबे की चपेट में एक मकान आ गया, जिसमें तीन लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई है।
घटना की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 30 सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। समाचार लिखे जाने तक अभियान जारी था और किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
मुंबई-गोवा हाईवे भी प्रभावित
रत्नागिरी जिले में कशेड़ी घाट के पास मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा धंस गया। सड़क में बड़ी दरार आने के बाद प्रशासन ने दोनों ओर से यातायात रोक दिया है।
इंजीनियरों की टीम सड़क की स्थिति का आकलन कर रही है और मरम्मत कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
देश के अन्य राज्यों में भी मानसून का असर
महाराष्ट्र के अलावा देश के कई राज्यों में भी मानसून सक्रिय है।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भारी बारिश के बाद भूस्खलन से कई वाहन मलबे में दब गए। किश्तवाड़-डोडा राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित है और राहत कार्य जारी है।
उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। रुद्रप्रयाग में कई घाट और मंदिर पानी में डूब गए हैं। राज्य में लगभग 30 सड़कें बंद होने की जानकारी सामने आई है।
मध्य प्रदेश में लगातार बारिश से कई नदियां उफान पर हैं। उज्जैन में क्षिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट क्षेत्र के कई मंदिर जलमग्न हो गए। प्रदेश के 23 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
राजस्थान में बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से आगामी चार से पांच दिनों तक भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
बिहार, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
कुछ स्थानों पर तेज हवाएं, भूस्खलन, जलभराव और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका भी जताई गई है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
इन ट्रेनों पर पड़ा असर
लगातार बारिश और कर्जत-लोनावला घाट सेक्शन में हुए भूस्खलन के कारण सेंट्रल रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द और कुछ का मार्ग परिवर्तित किया है। रेलवे प्रशासन के अनुसार यात्रियों से यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जांच करने की अपील की गई है।
रद्द की गई प्रमुख ट्रेनें:
- 11009 मुंबई–पुणे सिंहगढ़ एक्सप्रेस
- 11010 पुणे–मुंबई सिंहगढ़ एक्सप्रेस
- 12123 पुणे–मुंबई डेक्कन क्वीन
- 12126 पुणे–मुंबई प्रगति एक्सप्रेस
- 12127 मुंबई–पुणे इंटरसिटी एक्सप्रेस
- 12128 पुणे–मुंबई इंटरसिटी एक्सप्रेस
- 22225 मुंबई–सोलापुर वंदे भारत एक्सप्रेस
- 22226 सोलापुर–मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस
- 12051 मुंबई–मडगांव जनशताब्दी एक्सप्रेस
- 12052 मडगांव–मुंबई जनशताब्दी एक्सप्रेस
डायवर्ट की गई प्रमुख ट्रेनें:
- 12124 मुंबई–पुणे डेक्कन क्वीन
- 12125 मुंबई–पुणे प्रगति एक्सप्रेस
- 16339 नागरकोइल–छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एक्सप्रेस
- 16340 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस–नागरकोइल एक्सप्रेस
- 11019 मुंबई–भुवनेश्वर कोणार्क एक्सप्रेस
- 11020 भुवनेश्वर–मुंबई कोणार्क एक्सप्रेस
- 12163 लोकमान्य तिलक टर्मिनस–एमजीआर चेन्नई सुपरफास्ट एक्सप्रेस
- 12164 एमजीआर चेन्नई–लोकमान्य तिलक टर्मिनस सुपरफास्ट एक्सप्रेस
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रैक से मलबा हटाने और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही सेवाएं सामान्य की जाएंगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का लाइव स्टेटस अवश्य जांच लें।
प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में आपदा प्रबंधन दल, पुलिस, नगर निकाय, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है तथा जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून अभी और सक्रिय हो सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन पर नजर रखें और अफवाहों से बचते हुए केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।



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