पंचकूला नगर निगम चुनाव 2026: अधिसूचना जारी, आचार संहिता लागू, फिर भी शहर में सत्तारूढ़ पार्टी के होर्डिंग बरकरार
हरियाणा में नगरीय निकाय चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है। पंचकूला नगर निगम चुनाव को लेकर 13 अप्रैल 2026 को हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी। इसके साथ ही नगर निगम क्षेत्र में आचार संहिता भी प्रभावी हो गई है, जिसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है।
हालांकि, आचार संहिता लागू होने के बावजूद शहर में सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े बड़े-बड़े होर्डिंग और प्रचार सामग्री अब भी खुलेआम नजर आ रहे हैं, जिससे नियमों के पालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आचार संहिता लागू, लेकिन जमीनी हकीकत अलग
निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के अनुसार, आचार संहिता लागू होते ही किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार द्वारा लगाए गए प्रचार सामग्री—जैसे होर्डिंग, बैनर, पोस्टर आदि—को तुरंत हटाया जाना आवश्यक होता है।
लेकिन पंचकूला के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर सत्तारूढ़ पार्टी के होर्डिंग 14 अप्रैल तक भी जस के तस लगे हुए हैं। ये होर्डिंग कई महीनों से शहर में लगे हुए बताए जा रहे हैं और अब भी बिना किसी कार्रवाई के दिखाई दे रहे हैं।
नियमों की खुली अनदेखी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब आम नागरिकों और अन्य राजनीतिक दलों पर आचार संहिता का सख्ती से पालन करने का दबाव रहता है, तो सत्तारूढ़ दल के होर्डिंग का इस तरह बने रहना नियमों की अनदेखी को दर्शाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आचार संहिता के तहत सरकारी या सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक प्रचार प्रतिबंधित होता है। ऐसे में इन होर्डिंग्स का बने रहना प्रशासनिक निष्क्रियता या पक्षपात की आशंका को जन्म देता है।

नागरिकों में बढ़ रही नाराजगी
शहर के कई निवासियों ने इस मुद्दे पर नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से इन होर्डिंग्स को देखते-देखते परेशान हो चुके हैं और अब जब चुनावी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, तब भी इन्हें नहीं हटाया जाना हैरानी की बात है।
कुछ नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन की तरफ से इस मामले में जानबूझकर ढिलाई बरती जा रही है।
नगर निगम आयुक्त से कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने नगर निगम पंचकूला के आयुक्त से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी राजनीतिक दलों के होर्डिंग्स को बिना भेदभाव हटाया जाना चाहिए।
नागरिकों का साफ कहना है कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि नियम सभी पर समान रूप से लागू हों।
प्रशासन की चुप्पी
इस पूरे मामले पर नगर निगम प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि आने वाले दिनों में प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।
पंचकूला नगर निगम चुनाव 2026 की शुरुआत के साथ ही आचार संहिता के पालन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जहां एक ओर निर्वाचन आयोग निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर नियमों के पालन में लापरवाही गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या वह समय रहते इन होर्डिंग्स को हटाकर आचार संहिता का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेगा या यह मुद्दा चुनावी बहस का केंद्र बनता रहेगा।




Leave a Reply
Want to join the discussion?Feel free to contribute!