राहुल द्रविड़ इंग्लैंड टेस्ट टीम के मुख्य कोच की दौड़ में, भारत के सपोर्ट स्टाफ में भी बड़े बदलाव की चर्चा
इंग्लैंड क्रिकेट में टेस्ट टीम के नए मुख्य कोच की तलाश तेज हो गई है। ब्रेंडन मैकुलम के पद से हटने के बाद इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) संभावित उम्मीदवारों पर विचार कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत के पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ भी इस पद के प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। दूसरी ओर, भारतीय टीम के हालिया प्रदर्शन के बाद इंग्लैंड दौरे के समापन पर सपोर्ट स्टाफ में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
द्रविड़ पर ECB की नजर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राहुल द्रविड़ का नाम उन चुनिंदा उम्मीदवारों में शामिल है, जिन पर ECB गंभीरता से विचार कर रहा है। द्रविड़ के अलावा पूर्व इंग्लैंड कोच एंडी फ्लावर, पूर्व ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कोच जस्टिन लैंगर भी इस रेस में बताए जा रहे हैं।
द्रविड़ की शांत नेतृत्व शैली, खिलाड़ियों को तैयार करने की क्षमता और लंबी अवधि की रणनीति उन्हें इस भूमिका के लिए मजबूत उम्मीदवार बनाती है। उनके मार्गदर्शन में भारत ने 2024 टी-20 विश्व कप का खिताब जीता, जबकि टीम 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल तक भी पहुंची थी। इसके अलावा भारत की अंडर-19 और इंडिया-ए टीम के साथ उनके कार्यकाल को भी काफी सफल माना जाता है।
फुल-टाइम कोचिंग को लेकर असमंजस
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि राहुल द्रविड़ फिलहाल पूर्णकालिक कोचिंग की जिम्मेदारी लेने के इच्छुक नहीं हैं। हालांकि, इंग्लैंड की केवल टेस्ट टीम के साथ काम करने का विकल्प उन्हें परिवार के साथ अधिक समय बिताने और टेस्ट क्रिकेट में योगदान देने का अवसर दे सकता है। ऐसे में ECB उनकी उपलब्धता और रुचि जानने की कोशिश कर सकता है।
एंडी फ्लावर भी मजबूत दावेदार
पूर्व जिम्बाब्वे कप्तान एंडी फ्लावर को भी इस पद के लिए सबसे अनुभवी उम्मीदवारों में गिना जा रहा है। उनके कार्यकाल में इंग्लैंड ने तीन एशेज सीरीज जीती थीं और टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल किया था। इसके अलावा रिचर्ड डॉसन, कुमार संगकारा और पाकिस्तान के मौजूदा मुख्य कोच माइक हेसन के नाम भी चर्चा में हैं। ECB अगले वर्ष होने वाली एशेज सीरीज से पहले नए टेस्ट मुख्य कोच की नियुक्ति करना चाहता है।
भारत के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव की संभावना
उधर, इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में भी बदलाव की अटकलें तेज हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट और बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल का कार्यकाल इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद समाप्त हो रहा है और दोनों टीम से अलग हो सकते हैं।
बताया जा रहा है कि BCCI टीम के प्रदर्शन और सपोर्ट स्टाफ की समीक्षा करेगा। खराब फील्डिंग भी बोर्ड की चिंता का विषय बनी हुई है, जिसके चलते फील्डिंग कोच टी. दिलीप की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बालाजी को मिल सकती है नई जिम्मेदारी
यदि सपोर्ट स्टाफ में बदलाव होता है तो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के फास्ट बॉलिंग कोच लक्ष्मीपति बालाजी को श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम के साथ भेजा जा सकता है। वहीं, जिम्बाब्वे दौरे पर वीवीएस लक्ष्मण सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के कोचिंग स्टाफ के साथ टीम की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।
गंभीर के कार्यकाल पर भी नजर
गौतम गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद भारतीय टीम ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उनके नेतृत्व में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025, एशिया कप 2025 और टी-20 विश्व कप 2026 जीता। हालांकि, हालिया टी-20 सीरीज में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ मिली हार तथा टेस्ट क्रिकेट में अपेक्षा से कमजोर प्रदर्शन के बाद टीम प्रबंधन और सपोर्ट स्टाफ की समीक्षा की संभावना बढ़ गई है।
हालांकि, राहुल द्रविड़ के इंग्लैंड के टेस्ट मुख्य कोच बनने और भारतीय सपोर्ट स्टाफ में संभावित बदलाव को लेकर फिलहाल ECB और BCCI की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। दोनों मामलों में अंतिम फैसला संबंधित क्रिकेट बोर्डों द्वारा ही लिया जाएगा।



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