गलतियों से रेलवे ने नहीं सीखा सबक , नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का प्लेटफार्म बदलने से मची भगदड़ 18 की मौत
2013 कुंभ में प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का अंतिम समय पर प्लेटफार्म बदलने से सैकड़ो की हुई थी मौत
सरकार सही आंकड़े बताएं छुपाए नहीं : मल्लिकार्जुन खड़गे
क्यों नहीं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घटना की जिम्मेदारी ली
नई दिल्ली केशव माहेश्वरी
शनिवार रात करीब 9:26 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए एक बड़े हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 14 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल हैं, जबकि 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों को लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इसके पहले 2013 कुंभ में प्रयागराज स्टेशन पर अंतिम समय पर ट्रेन बदलने से भी लगभग ऐसा ही हादसा हुआ था । तब सैकड़ो लोगों की जान गई थी । उस समय उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का शासन था और कुंभ मेला के प्रभारी आजम खान थे । भाजपा नेता अक्सर 2013 कुंभ को लेकर समाजवादी पार्टी की सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं । जबकि 2025 महाकुंभ घटनाओं के लिए याद रखा जाएगा । चाहे वह महाकुंभ लगने वाली आज हो या फिर महाकुंभ में भगदड़ हो सड़कों पर श्रद्धालुओं का लंबा-लंबा जाम हो या फिर दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मच्छी भगदड़ हो । या फिर श्रद्धालुओं द्वारा ट्रेनों के शीशे तोड़े जाने की घटनाएं हो इन सभी घटनाओं को 2025 के महाकुंभ को लेकर याद रखा जाएगा । क्योंकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था हमारी तैयारी 100 करोड लोगों की है । तो वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन लड़के ने सोशल मीडिया अकाउंट पर सरकार से सही आंकड़े जारी करने की अपील की है । पहले तो रेलवे ने घटना से इनकार कर दिया था और इसे अपवाह बताया था पर दिल्ली के उपराज्यपाल ने जब इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर ट्वीट किया तब रेलवे ने इस घटना को माना । दुर्घटना को लेकर राष्ट्रपति प्रधानमंत्री गृहमंत्री सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री ने और नेताओं ने शोक प्रकट किया तो वहीं रेलवे ने मुआवजे का ऐलान कर दिया है । पर सवाल इस बात का है क्या ,मुआवजा दे देने भर से लोगों की जान वापस आ जाएगी , क्यों नहीं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आगे आकर इस घटना की जिम्मेदारी ली ?
सवाल जिनके जवाब हर कोई ढूंढ रहा है , कब मिलेगा इनका जवाब ?
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार को भगदड़ मच गई. इस हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई और 20 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. ऐसे में इस हादसे को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं, जिनमें सबसे अहम सवाल ये है कि रेलवे स्टेशन पर भगदड़ जैसे हालाता क्यों बने? अगर भीड़ ज्यादा थी तो उसे वक्त पर कंट्रोल क्यों नहीं किया गया? भीड़ को देखते हुए रेलवे स्टेशन पर इंतजाम क्यों नहीं किए गए थे? ऐन वक्त पर दो स्पेशल ट्रेनें क्यों रद्द कर दी गईं? ऐन वक्त पर प्लेटफॉर्म क्यों बदल दिया गया? प्लेटफार्म बदलने पर लोगों की आवाजाही का इंतजाम क्यों नहीं था? ये कुछ अहम सवाल हैं, जो सरकार से पूछे जा रहे हैं ?
क्या और कैसे हुआ हादसा ?
हादसा प्लेटफॉर्म नंबर 13, 14 और 15 के बीच हुआ। स्टेशन पर महाकुंभ के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों की भीड़ सुबह 4 बजे से जुटनी शुरू हो गई थी। शाम करीब 8:30 बजे प्रयागराज जाने वाली तीन ट्रेनों की देरी ने भीड़ को और बढ़ा दिया, जिसके कारण भगदड़ मच गई।
घटना के बाद, पहले नॉर्दर्न रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (CPRO) ने भगदड़ की बात से इनकार किया और इसे अफवाह बताया। लेकिन थोड़ी देर बाद, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने ट्वीट कर इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की। इसके बाद लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल ने 15 मौतों की पुष्टि की। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

यह घटना महाकुंभ के दौरान दूसरी बड़ी दुर्घटना है। इससे पहले, 29 जनवरी को प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान 30 ( सरकारी रिकॉर्ड में , जबकि चश्मदीदों के अनुसार मरने वालों की तादाद सरकारी आंकड़ों से कई गुना है ) लोगों की मौत हो चुकी थी। वहीं, 10 फरवरी 2013 को भी कुंभ मेले के दौरान प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में 36 लोग मारे गए थे।
घटना के बाद, दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने रात 11:55 बजे ट्वीट कर इस हादसे पर शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। इसके बाद, उन्होंने अपने ट्वीट को संपादित करते हुए स्थिति पर काबू पाने के लिए मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त से बात करने की जानकारी दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, “नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं उन सभी के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्दी ठीक हों।”
रेलवे ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए 10 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। गंभीर रूप से घायल लोगों को 2.5 लाख रुपये और मामूली रूप से घायल लोगों को 1 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा।
चश्मदीदों के मुताबिक, प्लेटफॉर्म पर भीड़ इतनी अधिक थी कि उसे संभालना मुश्किल हो गया। एक चश्मदीद ने कहा, “इतनी बड़ी भीड़ की उम्मीद नहीं थी। मैंने कभी रेलवे स्टेशन पर इतनी भीड़ नहीं देखी, यहां तक कि त्योहारों के दौरान भी ऐसा दृश्य नहीं देखा।”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने घटना की सच्चाई सामने लाने और मृतकों व घायलों की सही संख्या सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस हादसे की सच्चाई को छिपा रही है और दोषियों को सजा दिलवाने की मांग की।
कुल मिलाकर 144 साल वाले महाकुंभ का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार के माथे पर महाकुंभ को लेकर लगातार दाग लग रहे हैं । कभी कुंभ में आग लगने की घटना हो या फिर सड़कों पर लगा हुआ लंबा जाम हो , मौनी अमावस्या पर मची भगदड़ हो , या फिर ताजा ताजा हुआ दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसा हो । घटना की जिम्मेदारी लेने को कोई भी तैयार नहीं है । पीठ थपथपाने को सभी तैयार है ।
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