बारामती विमान हादसा: ऑपरेटर कंपनी का बयान, लैंडिंग के दौरान पायलट को हुई दृश्यता में दिक्कत की आशंका
महाराष्ट्र के बारामती में हुए भीषण चार्टर विमान हादसे को लेकर विमान संचालक कंपनी वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। कंपनी के निदेशक और प्रमुख मालिक विजय कुमार सिंह ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रारंभिक तौर पर यह पायलट की लैंडिंग के दौरान दृश्यता से जुड़ी समस्या का मामला प्रतीत होता है।
इस दर्दनाक हादसे में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की जान चली गई, जिससे देशभर में शोक की लहर है।
लैंडिंग का निर्णय पायलट का होता है: कंपनी निदेशक
वीएसआर एविएशन के निदेशक विजय कुमार सिंह ने बताया कि विमान की लैंडिंग किस रनवे पर कराई जानी है, इसका अंतिम निर्णय पायलट का ही होता है। उनके अनुसार, पायलट ने पहले रनवे-29 से लैंडिंग का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सके। इसके बाद दोबारा कोशिश की गई, जो असफल रही। अंततः रनवे-11 से लैंडिंग का प्रयास किया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उड़ान के दौरान उनका पायलटों से कोई सीधा संपर्क नहीं हो पाया।
अनुभवी थे दोनों पायलट
कंपनी निदेशक ने पायलटों के अनुभव पर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कैप्टन के पास 16 हजार घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव था, जबकि सह-पायलट ने भी लगभग 1500 घंटे की उड़ान पूरी कर रखी थी। कैप्टन ने सहारा, जेटलाइट और जेट एयरवेज जैसी प्रतिष्ठित एयरलाइंस में सेवाएं दी थीं और इस श्रेणी के विमान उड़ाने का उन्हें लंबा अनुभव था।
सिंह ने कहा कि यह मानना कठिन है कि इतने अनुभवी पायलटों से कोई चूक हुई हो, लेकिन खराब दृश्यता एक अहम कारण हो सकती है।
विमान में तकनीकी खराबी की जानकारी नहीं
विजय कुमार सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि विमान का रखरखाव नियमित और मानकों के अनुरूप किया गया था। उनकी जानकारी के अनुसार, विमान में किसी भी तरह की तकनीकी खराबी नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब तक प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आती, किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
पायलटों के प्रति भावुक बयान
हादसे में जान गंवाने वाले पायलटों को याद करते हुए कंपनी निदेशक भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि कैप्टन सुमित कपूर उनके बेहद करीबी मित्र और भाई समान थे, जबकि कैप्टन शम्भावी पाठक को वे बेटी की तरह मानते थे। उन्होंने दोनों को कुशल पायलट और बेहतरीन इंसान बताया।
पुराने हादसे का भी किया उल्लेख
सिंह ने 2023 में हुए एक अन्य विमान हादसे का जिक्र करते हुए बताया कि उस समय भी मुंबई एयरपोर्ट पर बारिश और कम दृश्यता के कारण लैंडिंग के बाद विमान रनवे से फिसल गया था। उन्होंने कहा कि मौसम और दृश्यता कई बार उड़ान सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
एएआईबी करेगा विस्तृत जांच
बारामती विमान हादसे की जांच अब वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (AAIB) करेगा। भारतीय हवाई क्षेत्र में होने वाली सभी विमान दुर्घटनाओं, गंभीर घटनाओं और सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच की जिम्मेदारी एएआईबी की होती है। जांच के बाद भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा सिफारिशें भी की जाएंगी।
देशभर में शोक की लहर
इस हादसे में उप मुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक जगत में इसे अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।




Leave a Reply
Want to join the discussion?Feel free to contribute!