महाकुंभ में नहाती हुई महिलाओं के वीडियो बनाकर बेचने वाले गिरोह पर बड़ी कार्रवाई
सोशल मीडिया पर 103 अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई
प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 में जहां लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं, वहीं कुछ अपराधियों ने इस पवित्र आयोजन को कलंकित करने की साजिश रची। महिलाओं के स्नान करते समय चोरी-छिपे वीडियो बनाकर उन्हें डार्क वेब और सोशल मीडिया पर बेचने का घिनौना धंधा चलाया जा रहा था। इस मामले पर प्रयागराज पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 103 सोशल मीडिया हैंडल्स पर शिकंजा कसा है और 13 एफआईआर दर्ज की हैं।
कैसे हुआ अपराध का खुलासा?
प्रयागराज पुलिस को सोशल मीडिया और डार्क वेब पर ऐसे आपत्तिजनक कंटेंट के प्रसार की शिकायतें मिलीं। जांच के दौरान सामने आया कि कुछ टेलीग्राम चैनलों और इंस्टाग्राम अकाउंट्स के जरिए इन वीडियो और तस्वीरों की खरीद-फरोख्त हो रही थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इन वीडियो को बेचने के लिए बाकायदा सब्सक्रिप्शन मॉडल लागू किया गया था, जिसमें 1999 रुपये की कीमत पर ये कंटेंट बेचा जा रहा था।
सोशल मीडिया पर 103 अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई
पुलिस जांच में सामने आया कि CCTV Channel 11 नामक टेलीग्राम चैनल @neha1224872024 ने कुछ महिलाओं के स्नान और कपड़े बदलने के वीडियो अपलोड कर उन्हें बेचने का दावा किया। इस खुलासे के बाद प्रयागराज पुलिस ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम के 103 हैंडल्स पर कार्रवाई की है और संबंधित प्लेटफॉर्म्स से इनकी डिटेल्स मांगी गई हैं।

गुजरात पुलिस ने की गिरफ्तारी
इस मामले की जांच के दौरान गुजरात पुलिस ने राजकोट से एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह सिर्फ महाकुंभ ही नहीं, बल्कि अन्य सार्वजनिक स्थलों और अस्पतालों के वीडियो भी चोरी-छिपे बनाकर बेचने में संलिप्त था। महाराष्ट्र पुलिस ने भी लातूर और सांगली से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
डार्क वेब और साइबर क्राइम का लिंक
इस अपराध की जड़ें डार्क वेब तक फैली हुई हैं, जहां गुप्त नेटवर्क और वर्चुअल करेंसी (Bitcoin) के जरिए यह गंदा धंधा चलाया जा रहा था। डार्क वेब को सामान्य सर्च इंजन (Google, Bing) से एक्सेस नहीं किया जा सकता और यही कारण है कि यह साइबर अपराधियों का गढ़ बन चुका है। पुलिस ने डार्क वेब के माध्यम से कंटेंट बेचने वाले आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस की सख्त चेतावनी और आगे की कार्रवाई
डीआईजी वैभव कृष्ण ने साफ किया है कि इस मामले में किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की साइबर क्राइम टीम और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से संदिग्ध अकाउंट्स की पूरी जानकारी मांगी गई है और जल्द ही इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी की जाएगी।
महाकुंभ में सुरक्षा कड़ी
इस घटना के बाद प्रशासन ने महाकुंभ क्षेत्र में CCTV निगरानी और साइबर मॉनिटरिंग को और मजबूत कर दिया है। स्नान घाटों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों की मदद से निगरानी की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की कोई घटना दोबारा न हो।
महाकुंभ जैसे धार्मिक आयोजन को बदनाम करने वाले अपराधियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। प्रयागराज पुलिस का यह कदम एक सख्त संदेश है कि धार्मिक आयोजनों में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना यह है कि आगे की जांच में और कौन-कौन से बड़े खुलासे होते हैं और कितने अपराधी पकड़े जाते हैं।
Leave a Reply
Want to join the discussion?Feel free to contribute!