महिला को गोरी और स्मार्ट कहना पड़ेगा महंगा ,जेल भी जाना पड़ सकता है !
मुंबई की दिंडोशी सत्र अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि किसी अनजान महिला को उसकी शारीरिक बनावट या रंग-रूप को लेकर संदेश भेजना अश्लीलता की श्रेणी में आता है। अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कहा कि इस तरह के संदेश न केवल महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि यह एक दंडनीय अपराध भी है।
क्या था मामला?
मामला एक पूर्व पार्षद से जुड़ा है, जिन्हें आरोपी ने व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक संदेश और तस्वीरें भेजी थीं। इन संदेशों में लिखा था, “आप पतली हैं, बहुत स्मार्ट और गोरी दिखती हैं, मैं आपको पसंद करता हूं।” अदालत ने कहा कि इस तरह के संदेश किसी भी विवाहित महिला या उसके परिवार के लिए अस्वीकार्य हैं, खासकर तब जब शिकायतकर्ता और आरोपी एक-दूसरे को जानते भी न हों।
अदालत का फैसला
मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 2022 में आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन महीने की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में सत्र न्यायालय में चुनौती दी गई। हालांकि, अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों को सही मानते हुए आरोपी की अपील खारिज कर दी।
अदालत की कड़ी टिप्पणी
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि कोई भी महिला बिना किसी ठोस कारण के अपनी गरिमा को खतरे में डालकर झूठा आरोप नहीं लगाएगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह के कृत्य समाज में महिलाओं की स्वतंत्रता और सम्मान के लिए खतरा हैं, जिन्हें सख्ती से रोकना आवश्यक है।
न्यायिक संदेश
यह फैसला उन मामलों के लिए एक मिसाल है, जहां महिलाओं को सोशल मीडिया या डिजिटल माध्यमों पर अपमानजनक संदेशों का सामना करना पड़ता है। अदालत का यह निर्णय महिला सम्मान और डिजिटल सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश देता है।
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