जरूरत से ज्यादा भीड़ बढ़ती जा रही इसलिए हरियाणा BJP में जॉइनिंग नियम हुए सख्त, संगठन की मंजूरी के बिना नहीं होगी एंट्री
हरियाणा BJP में जॉइनिंग नियम हुए सख्त, संगठन की मंजूरी के बिना नहीं होगी एंट्री
हरियाणा भाजपा ने पार्टी में शामिल होने की प्रक्रिया को लेकर बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया है। अब दूसरे दलों से आने वाले नेताओं की एंट्री बिना संगठन की स्पष्ट रजामंदी के संभव नहीं होगी। इस फैसले के तहत पार्टी ने राज्य और जिला स्तर पर विशेष जॉइनिंग कमेटियों का गठन किया है, जो नए सदस्यों को लेकर अंतिम निर्णय लेंगी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य जॉइनिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और अनुशासित बनाना है। अब तक कई बार स्थानीय स्तर पर असहमति और संगठनात्मक असंतुलन की शिकायतें सामने आती रही थीं। नए ढांचे के तहत सभी जॉइनिंग प्रस्ताव पहले संबंधित कमेटी के समक्ष रखे जाएंगे और उनकी स्वीकृति के बाद ही पार्टी में प्रवेश दिया जाएगा।
स्टेट लेवल पर गठित कमेटी में चार वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है, जिनमें मंत्री, विधायक और संगठन के अनुभवी पदाधिकारी शामिल हैं। वहीं, जिला स्तर पर तीन सदस्यीय कमेटियां बनाई गई हैं, जिनमें जिलाध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जमीनी स्तर पर भी संगठन की राय को प्राथमिकता मिले।
भाजपा के अंदरूनी हलकों में इस फैसले को तीन प्रमुख कारणों से जोड़ा जा रहा है। पहला, चुनावी दौर में बड़े पैमाने पर हुई जॉइनिंग से कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा था। दूसरा, स्थानीय नेतृत्व को दरकिनार कर लिए गए फैसलों से संगठनात्मक अनुशासन प्रभावित हुआ। तीसरा, पार्टी अब अवसरवादी राजनीति पर रोक लगाकर दीर्घकालिक संगठनात्मक मजबूती पर फोकस करना चाहती है।
इस बदलाव के बाद हरियाणा भाजपा में जॉइनिंग केवल राजनीतिक गणित नहीं, बल्कि संगठनात्मक संतुलन और विचारधारा की कसौटी पर तय होगी। इसे आगामी चुनावों से पहले पार्टी की आंतरिक एकजुटता मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।




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