सांसें भी किश्तों में…प्रवासी जीवन की अनकही सच्चाई
चमक के पीछे की थकान, वतन से दूर, किस्तों में सांसें — प्रवास की पीड़ा, घर अपना, लेकिन देश पराया। विदेशों में रह रहे भारतीयों की ज़िंदगी जितनी चमकदार दिखती है, उतनी ही संघर्षपूर्ण होती है। कनाडा में रह रही राजेश नाँदल की कहानी इसी सच्चाई को उजागर करती है — जहाँ ऊँचे मकान और […]

