पर्यावरण संकट : नीतियों से नहीं, नागरिक चेतना से बचेगी प्रकृति
सरकारों की विफलता के साथ-साथ हमारी जीवन-शैली भी पर्यावरण विनाश की सबसे बड़ी ज़िम्मेदार है। पेड़ लगाने की बात आए तो उत्साह केवल सरकारी अभियानों और फोटो अवसरों तक सीमित रह जाता है। वृक्षारोपण दिवस पर पौधे लगाए जाते हैं और अगले दिन भुला दिए जाते हैं। संरक्षण की जिम्मेदारी कोई नहीं लेता। यही कारण […]

