हनुमान अंश : हिंदुस्तान की जड़ों से संवाद करता सिनेमा
भारत को समझने के लिए केवल उसके शहरों, बाजारों और आधुनिकता को देखना पर्याप्त नहीं है। भारत को समझना हो तो उसकी जड़ों तक पहुँचना होगा—उसकी आस्था, लोक-स्मृति, संस्कृति और उन कथाओं तक, जिन्होंने सदियों से उसके सामूहिक मन को आकार दिया है। इसी संदर्भ में ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्म का महत्व केवल उसके बॉक्स […]

