केदारनाथ धाम की मर्यादा को खतरे में डालती बढ़ती भीड़ और रील संस्कृति
लगभग तेईस हजार फीट की ऊंचाई पर एक तरफ बर्फ से ढकी चोटियां साफ दिखाई देती हैं, तो दूसरी ओर अनावृत पठारी शिखर श्रेणियां छाती तान खड़ी रहती हैं। हिमशिखरों से समय-समय पर हिमनद का हिस्सा टूटता रहता है। काले कबरे पहाड़ों से पत्थर गिरते हैं। इस बीच नागिन की तरह बलखाती पगडंडी पर होता […]

