योग्यता का पतन और ‘विश्वगुरु’ का विरोधाभास
दुनिया किस दिशा में आगे बढ़ रही है, यह किसी से छिपा नहीं। बीसवीं सदी में राष्ट्रों की शक्ति युद्ध और भूगोल से तय होती थी, पर इक्कीसवीं सदी की ताक़त अब ज्ञान, विज्ञान और नवाचार से मापी जाती है। रूस कैंसर जैसी घातक बीमारियों के इलाज पर अबाध अनुसंधान में निवेश कर रहा है। […]

