अयोध्या में ध्वजारोहण समारोह से पहले सुरक्षा कड़ी, रामनगरी 1000 क्विंटल फूलों से सजी; प्रधानमंत्री कल फहराएंगे धर्मध्वज
राम सबके, पर भाजपा ने सिर्फ अपने बना रखे : अवधेश प्रसाद सांसद अयोध्या (सपा नेता)
अयोध्या, राम जन्मभूमि में मंगलवार को होने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह से पहले पूरे शहर में सुरक्षा और साज-सज्जा के इंतजाम चरम पर पहुंच गए हैं। श्रीराम मंदिर को ATS और NSG कमांडो ने घेरे में ले लिया है, जबकि आसमान से हेलिकॉप्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं। मंदिर परिसर और आस-पास पाँच स्तरीय सुरक्षा घेरा लागू कर दिया गया है, जिसमें SPG, CRPF और PAC के जवान तैनात हैं।
शहर को लगभग 1000 क्विंटल फूलों से सजाया जा रहा है। अहमदाबाद में तैयार किया गया मंदिर का विशाल धर्मध्वज अयोध्या पहुंच चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को पहली बार 191 फीट ऊंचे शिखर पर यह ध्वज फहराएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को तैयारियों का निरीक्षण करेंगे, जबकि RSS प्रमुख मोहन भागवत सहित कई प्रमुख अतिथि भी शहर पहुंचने वाले हैं।

दानदाताओं को बुलावा, शंकराचार्यों को निमंत्रण नहीं
समारोह में उन 100 दाताओं को आमंत्रित किया गया है, जिन्होंने मंदिर निर्माण में दो करोड़ से अधिक का योगदान दिया है। हालांकि, शंकराचार्यों को निमंत्रण न भेजे जाने को लेकर धार्मिक जगत में असंतोष है। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शास्त्रीय परंपराओं के विपरीत हो रहे आयोजनों में उनकी भागीदारी संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिखर प्रतिष्ठा किए बिना केवल ध्वजारोहण शास्त्रसम्मत नहीं माना जाता।

स्थानीय पुरोहितों की नाराजगी, कार्यक्रम का बहिष्कार
अयोध्या के पुरोहित समाज ने भी कार्यक्रम से दूरी बनाए रखने का निर्णय लिया है। तीर्थ पुरोहित संगठनों के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार बड़े धार्मिक आयोजनों से अलग रखा जा रहा है, जबकि वे सदियों से मंदिर परंपरा के संरक्षक रहे हैं। पुरोहित समाज का कहना है कि ट्रस्ट अपनी पसंद के लोगों को ही आमंत्रित कर रहा है। स्थानीय विधायक की ओर से PM के स्वागत का आग्रह आया था, जिसे पुरोहितों ने यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि जब उनकी परंपरा को ही नजरअंदाज किया जा रहा है, तो वे स्वागत कैसे करें।
अखिलेश यादव के बयान पर सियासी टकराव
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि धर्मध्वज का आरोहण करोड़ों रामभक्तों के तप और बलिदान का प्रतीक होगा। उन्होंने इसे “हर राम भक्त का सबसे बड़ा दिन” बताया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयान पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “ऐसी भाषा देश और प्रधानमंत्री का अपमान है, उन्हें तत्काल माफी मांगनी चाहिए।”
वहीं, अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने आयोजन से स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों को दूर रखने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि “राम सबके हैं, लेकिन भाजपा उन्हें अपनी संपत्ति की तरह प्रस्तुत कर रही है। अयोध्या के नागरिकों तक को प्रवेश पत्र तक उपलब्ध नहीं कराया गया है।”
ध्वज की विशेषताएं और आयोजन की रूपरेखा
मंदिर के शिखर पर फहराया जाने वाला विशाल केसरिया ध्वज 22 फुट लंबा और 11 फुट चौड़ा है। इसमें सूर्यदेव, कोविदार वृक्ष और ‘ॐ’ के प्रतीक अंकित हैं। ध्वज को जमीन से 191 फीट ऊंचाई तक मशीनों और विशेष रस्सियों की सहायता से ले जाया जाएगा। ध्वजारोहण की प्रक्रिया में सेना के विशेषज्ञ भी शामिल रहेंगे।
मंगलवार को अभिजीत मुहूर्त में प्रधानमंत्री मोदी ध्वज फहराएंगे। ध्वज आरोहण के साथ ही दस सेकंड तक शंखनाद और पुष्पवर्षा होगी। कार्यक्रम में करीब साढ़े सात हजार अतिथियों के शामिल होने की संभावना है, जिनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और RSS प्रमुख भी मौजूद रहेंगे।
मंदिर परिसर के परकोटे में बने छह अन्य मंदिर—भगवान शिव, गणेश, सूर्यदेव, हनुमान, मां भगवती और माता अन्नपूर्णा—में भी ध्वजारोहण किया जाएगा। इन सभी ध्वजों को भी विशेष रूप से तैयार कर मंगलवार को विधि-विधान के साथ फहराया जाएगा।





Leave a Reply
Want to join the discussion?Feel free to contribute!