सिंह नाला तथा सुखना चो के किनारे हुए अवैध निर्माणों करने वालों पर गाज गिरनी तय
नगर कौंसिल अधिकारियों द्वारा यहां पर अवैध निर्माण की सूची बनाने का काम शुरू
संदीप सिंह बावा: जीरकपुर शहर में अवैध निर्माण जगह-जगह जारी है और लोगों द्वारा बहुत जगह पर अवैध कब्जे करके निर्माण किए हुए हैं जिन पर सिर्फ नोटिस जारी करके नगर काउंसिल अधिकारियों द्वारा अपना पल्ला झाड़ लिया जाता है लेकिन अब एक पत्र नगर कौंसिल जीरकपुर के कार्यकारी अधिकारी द्वारा जारी किया गया है इसके बाद कुछ क्षेत्रों में अवैध कब्जे तथा अवैध निर्माण करने वालों के ऊपर कार्रवाई होनी संभव लग रही है। कार्यकारी अधिकारी द्वारा यह पत्र 3 फरवरी 2025 को जारी किया गया था जिसमें लिखा गया था कि डिप्टी कमिश्नर मोहाली की अध्यक्षता में 31 जनवरी 2025 को एक मीटिंग हुई थी जिसमें माइनिंग विभाग के अधिकारी, एसडीएम डेरा बस्सी, डीएसपी हेडक्वार्टर तथा कार्यकारी अधिकारी मौजूद थे। इस मीटिंग दौरान सिंह नाला चौ तथा सुखना चौ के प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण संबंधी चर्चा की गई थी। पंजाब सरकार के साथ 11 2007 के नोटिफिकेशन द्वारा नोटिफाई किया गया है इसलिए उक्त प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण को रोकने तोड़ने तथा नशे रद्द करने संबंधी कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों की टीम गठित की गई है जिसमें सुखविंदर सिंह एसडीओ, चरणपाल सिंह, सरबजीत सिंह एटीपी अजय बराड़ तथा शिवानी बंसल बिल्डिंग इंस्पेक्टर अमनदीप के साथ पंकज सिंगला ड्राफ्ट्समैन को लिया गया है।
यह टीम 10 दिन के अंदर-अंदर इस क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण संबंधी लिस्ट तैयार करके कार्यकारी अधिकारी को पेश करने के लिए जिम्मेदार होगी। इस लिस्ट में निर्माण कर्ता का नाम, निर्माण की किस्म, क्षेत्र ,निर्माण का समय नक्शा पास है या नहीं पर रिपोर्ट पेश की जाएगी। लिस्ट तैयार करने के बाद यह टीम अवैध निर्माणों को तोड़ने तथा कानून के मुताबिक अगली कार्रवाई करने के लिए पाबंद होगी। इस टीम के ओवरऑल इंचार्ज चरणपाल सिंह एमी होंगे।
जिक्र योग्य है कि यह पत्र 3 फरवरी को जारी किया गया था और रिपोर्ट पेश करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया था लेकिन 14 दिन बीत जाने के बाद भी कोई रिपोर्ट पेश नहीं की गई। वर्णनीय है के इस क्षेत्र में बहुत से अवैध निर्माण किए हुए हैं। अब आने वाला समय ही बताया कि कितने निर्माण को नगर कौंसिल द्वारा ध्वस्त किया जाता है। पिछली बरसात के दिनों में ढकोली क्षेत्र में एक मकान गिर भी गया था जिसे फिर से बना लिया गया है ऐसे ही बलटाना क्षेत्र में अवैध रूप से बने हुए शहर में आग लगने की एक बड़ी घटना हुई थी जिसमें लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया था। इस घटना से संज्ञान ना लेते हुए वहां पर फिर से सब बना दिए गए हैं। यह तो नगर कौंसिल अधिकारी अथवा निर्माण कर्ता ही बता सकते हैं कि क्या उनकी कोई मिली भगत है या नहीं।
पत्रकारों का फोन उठाना जरूरी नहीं समझते हैं नगर कौंसिल के कुछ अधिकारी
:इस मामले संबंधी जानकारी लेने के लिए जब नगर कौंसिल के कार्यकारी अधिकारी को तीन बार फोन किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया उसके बाद अमनदीप सिंह जेई को फोन किया तो उन्होंने भी फोन नहीं उठाया।इस कमेटी के ओवरऑल इंचार्ज चरणपाल सिंह एममी रविवार की छुट्टी का आनंद ले रहे हैं जब उन्हें फोन किया तो उनका फोन स्विच ऑफ आ रहा था।
क्या कहना है फोन उठाने वाले अधिकारियों का
नगर कौंसिल जीरकपुर के एसडीओ सुखविंदर सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुझे इस पत्र के बारे में नहीं पता है आप इस संबंधी नगर कौंसिल जीरकपुर के कार्यकारी अधिकारी से बात कर सकते हो।
इस संबंधी बात करते हुए बिल्डिंग इंस्पेक्टर शिवानी बंसल ने कहा कि इस पत्र पर एटीपी सर्वजीत सिंह तथा बिल्डिंग इंस्पेक्टर अजय बराड़ काम कर रहे हैं वह ही आपको सही जानकारी दे सकते हैं। इस संबंधी बात करते हुए बिल्डिंग इंस्पेक्टर अजय बराड़ ने कहा कि हमें इस क्षेत्र में जो रिपोर्ट बनाने के लिए कहा गया था उसे पर हम काम कर रहे हैं। एरिया ज्यादा होने के कारण पूरा काम मुकम्मल नहीं हो सका लेकिन फिर भी हमने कुछ निर्माण की पहचान कर ली है तथा आने वाले दो दिन में कुछ और इमारतों की पहचान करके रिपोर्ट कार्यकारी अधिकारी को सौंप देंगे।
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