पंचकूला नगर निगम चुनाव परिणाम घोषित: 20 में से 17 वार्डों पर भाजपा का कब्जा, कांग्रेस और निर्दलीयों ने भी दर्ज की जीत
पंचकूला नगर निगम चुनाव के परिणाम घोषित होते ही शहर की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दबदबा स्पष्ट रूप से देखने को मिला। नगर निगम के कुल 20 वार्डों में हुए चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 17 वार्डों पर जीत हासिल की। वहीं कांग्रेस को एक वार्ड में सफलता मिली, जबकि दो वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दिया।
चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया तथा विजयी प्रत्याशियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। दूसरी ओर कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत ने यह संकेत भी दिया कि कुछ वार्डों में स्थानीय मुद्दे और व्यक्तिगत छवि मतदाताओं पर प्रभाव डालने में सफल रही।
भाजपा का रहा एकतरफा दबदबा
नगर निगम चुनाव में भाजपा ने अधिकांश वार्डों में बड़े अंतर से जीत दर्ज की। कई प्रत्याशियों ने दो हजार से अधिक मतों के अंतर से विजय हासिल कर अपनी मजबूत पकड़ साबित की। खास बात यह रही कि भाजपा ने महिला उम्मीदवारों को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया और उन्हें उल्लेखनीय सफलता मिली।
वार्ड नंबर 1 से भाजपा की परमजीत कौर ने 2358 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। उन्हें कुल 3833 वोट प्राप्त हुए। इसी प्रकार वार्ड नंबर 2 में भी भाजपा की परमजीत कौर ने 1979 मतों से विजय प्राप्त करते हुए कुल 3101 वोट हासिल किए।
वार्ड नंबर 3 से भाजपा उम्मीदवार सुरेश कुमार वर्मा 1087 मतों से विजयी रहे। उन्हें कुल 2059 वोट प्राप्त हुए। वार्ड नंबर 4 में भाजपा के भारत हितैषी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2565 मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज की और कुल 3688 वोट प्राप्त किए।
वार्ड नंबर 5 से भाजपा के जय कुमार कौशिक 1810 मतों से विजयी हुए। उन्हें कुल 3394 वोट मिले। वार्ड नंबर 6 में भाजपा प्रत्याशी पार्थ गुप्ता ने 866 मतों के अंतर से जीत हासिल करते हुए कुल 2137 वोट प्राप्त किए।
कुछ वार्डों में कांटे की टक्कर
हालांकि अधिकांश वार्डों में भाजपा को स्पष्ट बढ़त मिली, लेकिन कुछ सीटों पर मुकाबला बेहद रोचक और करीबी रहा। वार्ड नंबर 7 में भाजपा के ज्योति प्रसाद ने मात्र 79 मतों से जीत दर्ज की। उन्हें कुल 1791 वोट प्राप्त हुए। इसी तरह वार्ड नंबर 10 में भाजपा के शेखर ने केवल 59 मतों के अंतर से जीत हासिल की। उन्हें कुल 1279 वोट मिले। इन करीबी मुकाबलों ने मतगणना केंद्रों पर देर तक रोमांच बनाए रखा।
वार्ड नंबर 8 से भाजपा के राज कुमार जैन ने 948 मतों से जीत दर्ज की और कुल 2038 वोट प्राप्त किए। वार्ड नंबर 9 में भाजपा के हरेंद्र मलिक ने 1623 मतों के अंतर से शानदार जीत हासिल करते हुए कुल 2966 वोट प्राप्त किए।
महिला उम्मीदवारों का दमदार प्रदर्शन
इस चुनाव में महिला उम्मीदवारों ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया। वार्ड नंबर 11 से भाजपा की अनुराधा पूरी ने 1209 मतों के अंतर से जीत दर्ज की और कुल 3159 वोट हासिल किए। वार्ड नंबर 15 से भाजपा की प्रियंका 965 मतों से विजयी रहीं। उन्हें कुल 2346 वोट प्राप्त हुए।
वार्ड नंबर 16 में भाजपा की निर्मला देवी ने 360 मतों के अंतर से जीत दर्ज की और कुल 2039 वोट हासिल किए। वहीं वार्ड नंबर 19 से भाजपा की मनीषा रानी ने 1180 मतों के अंतर से शानदार विजय प्राप्त की। उन्हें कुल 3811 वोट मिले।
भाजपा प्रत्याशियों की बड़ी जीतें बनी चर्चा का विषय
वार्ड नंबर 12 और 13 में भाजपा प्रत्याशियों ने सबसे बड़ी जीतों में से एक दर्ज की। वार्ड नंबर 12 से भाजपा के राकेश जगोता ने 2872 मतों के भारी अंतर से जीत हासिल की और कुल 3827 वोट प्राप्त किए। वहीं वार्ड नंबर 13 से भाजपा के दीपक गर्ग ने 2267 मतों से जीत दर्ज की तथा कुल 3839 वोट प्राप्त किए।
वार्ड नंबर 14 में भाजपा के राकेश गोयल ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 2502 मतों के अंतर से जीत हासिल की। उन्हें कुल 3689 वोट प्राप्त हुए।
निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी दिखाया दम
जहां भाजपा ने अधिकांश सीटों पर कब्जा जमाया, वहीं दो वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल कर राजनीतिक दलों को कड़ी चुनौती दी। वार्ड नंबर 17 से निर्दलीय उम्मीदवार अशोक कुमार 754 मतों के अंतर से विजयी हुए। उन्हें कुल 3043 वोट प्राप्त हुए।
इसी प्रकार वार्ड नंबर 20 से निर्दलीय उम्मीदवार रोहित चौधरी ने 966 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। उन्हें कुल 3440 वोट मिले। इन परिणामों से स्पष्ट है कि कुछ क्षेत्रों में मतदाताओं ने पार्टी से अधिक स्थानीय नेतृत्व और व्यक्तिगत छवि को प्राथमिकता दी।
कांग्रेस को मिली एकमात्र सफलता
नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को केवल एक वार्ड में जीत मिली। वार्ड नंबर 18 से कांग्रेस उम्मीदवार अमनदीप कौर ने 165 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। उन्हें कुल 3000 वोट प्राप्त हुए। कांग्रेस के लिए यह परिणाम निराशाजनक माना जा रहा है, हालांकि अमनदीप कौर की जीत ने पार्टी को कुछ राहत अवश्य दी है।
शहर की राजनीति में नए समीकरण
नगर निगम चुनाव परिणामों के बाद पंचकूला की राजनीति में भाजपा की स्थिति और मजबूत हो गई है। नगर निगम में भाजपा का स्पष्ट बहुमत होने से अब शहर के विकास कार्यों को गति मिलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं विपक्षी दलों और निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी, खासकर स्थानीय मुद्दों और जनहित से जुड़े मामलों में।



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