कोटक महिंद्रा और एयू स्मॉल बैंक की ब्रांचों को बंद करवाकर सरकार ने दिया मैसेज कि विपक्ष को बैठे बिठाये मुद्दा न मिल जाए इसलिए सरकारी कर्मचारियों और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ नहीं होगी !
डेढ़ अरब से ज्यादा का पंचकूला नगर निगम में फिक्स डिपाजिट घोटाला मामले में सोमवार को सरकार ने अपने इरादे जाहिर कर दिए । कोटक महिंद्रा और AU बैंक की पंचकूला समेत कई जिलों में बैंकों की ब्रांचों के सुबह ताले भी नहीं खोलने दिए गए । सुबह जब कर्मचारी बैंक पहुंचे तो उसके पहले वहां पर पुलिस के कर्मचारी तैनात थे । हालांकि जानकारी निकाल कर जो सामने आई उसके अनुसार डेढ़ अरब रुपए के फ्रॉड केस में यह दोनों बैंक जांच एजेंसी को सहयोग नहीं कर रहे हैं जिसकी वजह से शाखा में सुबह-सुबह पुलिस भेज करके कामकाज रुकवाया गया है पर पर्दे के पीछे की हकीकत कुछ और नजर आई ।
पहले आपको बताते हैं क्या है पूरा मामला जिसकी वजह से सोमवार को बैंक में कामकाज हुआ बाधित
दरअसल पंचकूला नगर निगम में डेढ़ अरब रुपए से ज्यादा की फिक्स्ड डिपॉजिट का घोटाला हुआ है और इस घोटाले में न सिर्फ बैंक के कर्मचारी शामिल है बल्कि पंचकूला नगर निगम के भी कुछ कर्मचारियों के शामिल होने की संकेत मिल रहे हैं और तो और इसके अलावा सत्ताधारी दल से जुड़े हुए कुछ नेताओं के करीबियों के भी इस घोटाले में लिप्त होने के संकेत है । इस मामले में सोमवार को खबर लिखे जाने के समय शाम को 5:00 बजे तक जांच एजेंसियां दो आरोपियों को हिरासत में ले चुकी है , जो की जांच एजेंसी की रिमांड पर है । तो वही एक संदिग्ध नगर निगम के कर्मचारी जो कि तत्कालीन अकाउंट ऑफिसर थे , उनसे पूछताछ हो चुकी है । हालांकि चर्चा में कई संदिग्ध नाम भी सामने आ रहे हैं पर ना तो अभी तक इन संदिग्ध नाम वाले व्यक्तियों से किसी प्रकार की कोई पूछताछ हुई है और चर्चा है कि इन संदिग्ध व्यक्तियों के तार सीधे सत्ताधारी दल के बड़े नेताओं से भी जुड़ रहे हैं ।
फिर सवाल इस बात का है कि आखिरकार सिर्फ बैंक ही क्यों है सरकार के रडार पर ?
अब सवाल उठता है कि जब घोटाला इतना बड़ा है तो सिर्फ इस मामले में बैंक के कर्मचारी ही इंवॉल्व हो ऐसा संभावना नजर नहीं आती पूरे मामले में सत्ताधारी दल के नेता और निगम के कर्मचारियों की मिली भगत भी सामने आ रही है पर कार्यवाही सिर्फ और सिर्फ बैंक के कर्मचारियों या फिर बैंक पर हो रही है ।
सोमवार को हुई कार्रवाई से सरकार से यह संकेत मिल रहे हैं कि हमें हमारा पैसा मिलना चाहिए आपने किसके खाते में पैसा ट्रांसफर किया क्यों किया किसके कहने से किया इससे हमारा लेना देना कुछ भी नहीं है । अगर इन संकेत को सही मान लिया जाए तो इसका सीधा सा तात्पर्य यह निकल कर आता है कि सरकार के अंदर ही कुछ लोग ऐसे मौजूद हैं जो नहीं चाहते कि किसी भी तरीके से निगम का कोई कर्मचारी या फिर सत्ताधारी दल के किसी नेता का कोई करीबी के ऊपर किसी प्रकार की कोई आंच आए । भले उसके लिए कुछ भी करना पड़े । इसको ऐसे भी कह सकते हैं जांच की दिशा को किसी भी तरफ मोड़ना पड़े।
तत्कालीन विधायक और तत्कालीन मेयर चुप क्यों ?
तत्कालीन विधायक ज्ञानचंद गुप्ता और तत्कालीन मेयर कुलभूषण गोयल इस पूरे मामले पर आखिर चुप क्यों है ।
निगम के ज्यादातर उद्घाटन में मौजूद होते थे ज्ञानचंद गुप्ता
अगर विधायक ज्ञानचंद गुप्ता के कार्यकाल की बात की जाए तो पंचकूला नगर निगम के ज्यादातर उद्घाटन समारोह के नारियल सिर्फ और सिर्फ ज्ञानचंद गुप्ता ही फोड़ा करते थे । तब एक चर्चा खुले तौर पर हुआ करती थी कि ज्ञानचंद गुप्ता तो अपनी गाड़ी में नारियल की एक बोरी हमेशा रखा करते हैं जहां जरूरत होती है वहीं पर नारियल फोड़ देते हैं । पर अब जब मामला डेढ़ अरब रुपए की फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट का सामने आ गया तो ऐसे में उनकी चुप्पी संदेह पैदा कर रही है ।
लगातार बैंक पर कार्रवाई होने से कस्टमर का भरोसा घट रहा
लगातार कोटक महिंद्रा बैंक का नाम चर्चा में आने से सोमवार को कई कस्टमर हो ने कमरे पर कहा कि हमें ऐसा लग रहा है जब सरकार के ही पैसे सुरक्षित नहीं है तो हमारे पैसे का क्या भरोसा सुरक्षित रहेंगे या नहीं रहेंगे । लगातार हो रहे भ्रष्टाचार के मामलों के बाद ग्राहकों का भरोसा भी अब प्राइवेट बैंकों से घटना शुरू हो गया है ।
कुल मिलाकर अगर देखा जाए तो 15 दिन की कवायत में अब तक जांच एजेंसियां सिर्फ छोटी मछलियों तक तो पहुंच गई है पर बड़ी मछलियां अभी भी जांच एजेंसी की पकड़ से या तो दूर है या फिर दूर किया जा रहा है । इस मामले पर विपक्ष की भूमिका भी संदेह के घेरे में है , क्योंकि इतना बड़ा मामला होने के बाद भी पंचकूला के विपक्ष के किसी भी नेता ने खबर लिखे जाने के समय तक नगर निगम पर पहुंचने की कवायत तक नहीं की है । यह अलग बात है कि कांग्रेस जनरल जनता पार्टी और इंडियन नेशनल लोकदल के नेताओं द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस या फिर मीडिया बीते देखकर अपना पल्ला झाड़ लिया गया है ।



Leave a Reply
Want to join the discussion?Feel free to contribute!