पंचकूला नगर निगम चुनाव में सियासी संग्राम तेज : भाजपा में मेयर टिकट पर घमासान, इनेलो ने किया ऐलान; कांग्रेस की याचिका कोर्ट में, JJP–AAP अभी असमंजस में
मेयर कौन: सत्ता के गलियारों का चेहरा या जनता के बीच रहने वाला नेता?
पंचकूला बीजेपी में मेयर टिकट को लेकर भारी खींचतान , 2 दर्जन से अधिक दावेदार मैदान में
कैसा हो मेयर : सत्ता के गलियारों में बैठने वाला या जनता के बीच रहने वाला ?
पंचकूला नगर निगम मेयर चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर इस समय सबसे ज्यादा हलचल और खींचतान देखने को मिल रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार मेयर पद के लिए भाजपा में 2 दर्जन से ज्यादा उम्मीदवारों ने दावेदारी ठोक दी है, जिससे संगठन के रणनीतिकारों की चिंता बढ़ गई है। हालात ऐसे बन गए हैं कि सांप भी मरे और लाठी भी न टूटे जैसी स्थिति पैदा करना पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।
ज्यादा दावेदार, बढ़ती जा रही संगठनात्मक चिंता
सूत्रों की मानें तो इतनी बड़ी संख्या में दावेदार सामने आने से पार्टी नेतृत्व आशंकित है कि कहीं असंतोष भीतरखाने चुनाव में नुकसान ना पहुंचा दे। पार्टी को अब विधानसभा चुनाव की यादें कचोट रही हैं, जहां अंदरूनी मतभेदों के चलते भाजपा को झटका लगा था और ज्ञानचंद गुप्ता को मात्र 2000 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में नेतृत्व नहीं चाहता कि मेयर चुनाव में भी जरूरत से ज्यादा दावेदार पार्टी की वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी तेज रफ्तार को अचानक ब्रेक लगा दें।
कई पार्षदों में भी मेयर बनने की ललक
राजनीति की शतरंज में आगे बढ़ने की महत्वाकांक्षा न हो तो नेता अधूरा माना जाता है। पंचकूला में भी यही तस्वीर नजर आ रही है। नगर निगम के पिछले कार्यकाल में भाजपा से जुड़े कई पार्षद इस बार मेयर बनने का सपना देख रहे हैं। उनका तर्क साफ है—“जब पार्षद बन सकते हैं, तो मेयर क्यों नहीं?”
वोट बैंक की गणित
अगर पंचकूला के सामाजिक समीकरणों पर नजर डालें तो यहां ब्राह्मण, बनिया और पंजाबी समुदाय का मजबूत वोट बैंक है। इन तीनों वर्गों को जोड़ दिया जाए तो करीब 44–45 प्रतिशतवोट बैंक तैयार हो जाता है। यही कारण है कि इन्हीं समुदायों से जुड़े नेताओं की दावेदारी सबसे ज्यादा चर्चा में है।
कौन-कौन से पार्षद मेयर के लिए ठोक रहे दावेदारी ?
| ब्राह्मण समुदाय से | बनिया समुदाय से | पंजाबी समुदाय से |
|---|---|---|
| जय कौशिक | पूर्व मेयर कुलभूषण गोयल | वार्ड नंबर 4 की पूर्व पार्षद सोनिया सूद के पति उमेश सूद ने भी मेयर पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। |
| ———- | वार्ड 13 से पूर्व पार्षद सुनील सिंगला। ( हालांकि विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा था, लेकिन सरकार न बनने के बाद फिर भाजपा में वापसी कर चुके है ) | ———- |
सपना पूरा होगा या अधूरा रह जाएगा?
अब सवाल यह है कि इन दावेदारों में से किसका सपना साकार होगा और किसे निराशा हाथ लगेगी। पार्टी नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि जिनका सपना अधूरा रह जाए, वे कही तन से यहां और मन से कहीं और न हो जाएं।
राजनीति से समाज तक, दावेदारी की लंबी कतार
निवर्तमान मेयर और पार्षदों के अलावा राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े कई चेहरे भी भाजपा में मेयर पद के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं। इससे साफ है कि पंचकूला का मेयर चुनाव सिर्फ एक पद की लड़ाई नहीं, बल्कि *सत्ता, संगठन और सामाजिक संतुलन की बड़ी परीक्षा बनने जा रहा है।
आने वाले समय में देखना यह होगा कि भाजपा नेतृत्व जनता के बीच बैठने वाले मेयर को चुनता है या फिर सत्ता के गलियारों में सिमटने वाले चेहरे पर भरोसा जताता है। पंचकूला की राजनीति में आने वाले दिन बेहद दिलचस्प होने वाले हैं।
हालांकि अभी चुनाव को लेकर कांग्रेस की अपील भी कोर्ट में लगी हुई है जिसको लेकर 18 फरवरी को फैसला होना है । उसके बाद ही पता चलेगा कि चुनाव अप्रैल मई में होंगे या इससे और आगे बढ़ेंगे ।
भाजपा कांग्रेस के बाद इनेलो पहले पार्टी, जिसने कर दिया ऐलान लड़ेंगे निगम चुनाव
इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने पंचकूला, अम्बाला और सोनीपत नगर निगम चुनाव में पार्टी के चुनाव चिन्ह “ऐनक” पर उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। यह जानकारी पार्टी के पंचकूला जिलाध्यक्ष शहरी और प्रदेश कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने दी।
उन्होंने बताया कि यह निर्णय चंडीगढ़ में पार्टी सुप्रीमो चौधरी अभय सिंह चौटाला की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक में मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल की शुरुआत में होने वाले नगर निगम चुनावों के लिए रणनीति तय की गई।
मंगलवार को हिसार में हुई राज्य कार्यकारिणी की बैठक में चुनाव के लिए उम्मीदवार चयन प्रक्रिया और जिम्मेदारियों का निर्धारण किया गया। प्रत्येक निगम के मेयर पद सहित सभी वार्डों में जीतने की क्षमता रखने वाले प्रत्याशी चयन के लिए विशेष समिति का गठन किया जाएगा। इसके अलावा अन्य दलों से आने वाले योग्य उम्मीदवारों पर भी विचार किया जाएगा।
मनोज अग्रवाल ने बताया कि तीनों नगर निगमों में चुनाव प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे और पार्टी के सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला, प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा, सभी विधायक, पूर्व सांसद और कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए जिम्मेदारी दी जाएगी।
उन्होंने दावा किया कि इनेलो तीनों नगर निगमों में अपने उम्मीदवारों को विजयी बनाकर मेयर पद पर कब्जा करेगी।
जननायक जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी अभी कर रही सिंबल पर चुनाव लड़ने पर विचार
हरियाणा की बड़ी और प्रमुख पार्टियों में जननायक जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी अभी नगर निगम चुनाव के लिए चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़े या ना लड़े इस पर विचारणीय मुद्रा में है । सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आम आदमी पार्टी पंजाब चुनाव की रणनीति को लेकर सशंकित है की हरियाणा में निगम चुनाव में चुनाव चिन्ह पर उतरे या फिर किसी निर्दलीय को समर्थन दे दिया जाए।




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