उत्तराखंड में बर्फबारी बनी यादगार, बर्फ के बीच हुईं शादियां, 21 किमी पैदल चला नवविवाहित जोड़ा
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में हुई ताजा बर्फबारी ने जनजीवन के साथ-साथ कई खास पलों को भी ऐतिहासिक बना दिया। जहां एक ओर बर्फ की सफेद चादर से ढके पहाड़ों ने लोगों और पर्यटकों को रोमांचित किया, वहीं दूसरी ओर इसी बर्फबारी के बीच विवाह समारोह भी संपन्न हुए। रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों से सामने आईं तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
रुद्रप्रयाग जिले में स्थित भगवान शिव-पार्वती के विवाह स्थल त्रिजुगीनारायण मंदिर में शुक्रवार को भारी बर्फबारी के बीच सात जोड़ों ने विवाह किया। अचानक बदले मौसम के बावजूद विवाह संस्कार पूरे विधि-विधान से संपन्न हुए। ठंड और बर्फ के बीच वर-वधू व उनके परिजन जरूर ठिठुरते नजर आए, लेकिन इस अलौकिक माहौल ने विवाह को और भी विशेष बना दिया।
इन सात जोड़ों में उत्तराखंड के साथ-साथ महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल से आए वर-वधू भी शामिल थे। दंपतियों ने त्रिजुगीनारायण जैसे पवित्र स्थल पर विवाह को अपने जीवन का सौभाग्यपूर्ण क्षण बताया। बर्फबारी के बावजूद मंदिर परिसर में रौनक और उत्साह बना रहा।
उधर, चमोली जिले के गैरसैंण क्षेत्र में बर्फबारी ने एक बारात को बड़ी चुनौती दे दी। बसंत पंचमी के अवसर पर परवाड़ी गांव गई बारात लौटते समय बर्फ में फंस गई। सड़कें बंद होने और वाहन आगे न बढ़ पाने की स्थिति में दूल्हा-दुल्हन सहित पूरी बारात को लगभग 21 किलोमीटर पैदल चलकर गांव तक पहुंचना पड़ा।
बताया जा रहा है कि शादी के बाद बर्फबारी अचानक तेज हो गई, जिससे बारात में शामिल सभी वाहन रास्ते में ही फंस गए। काफी इंतजार के बाद जब हालात नहीं सुधरे, तो नवविवाहित जोड़ा और परिजन बर्फ से ढके पहाड़ी रास्तों पर पैदल ही निकल पड़े और देर रात अपने गांव पहुंचे।
प्रदेश में लंबे समय बाद हुई इस सीजन की पहली बर्फबारी ने जहां लोगों को मौसम की मार झेलने पर मजबूर किया, वहीं कई परिवारों के लिए यह पल जिंदगी भर की याद बन गया। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी बर्फबारी राहत लेकर आई है, क्योंकि वीकेंड पर बड़ी संख्या में सैलानियों के पहाड़ों की ओर रुख करने की उम्मीद है।




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