अंधविश्वास ने कराया खतरनाक मेरठ कांड : आज तक की रिपोर्ट
“मुस्कान अच्छी लड़की है। उसके साथ तू खुश रहेगा।” साहिल शुक्ला की मां स्नैप चैट पर उसे ऐसे मैसेजेस करती थी। वही मां जिनकी मौत कब की हो चुकी थी। यानि साहिल अपनी मरी मां से बात करता था। आज तक वालों ने एक अच्छी-खासी लंबी रिपोर्ट इन दो राक्षसों के बारे में लिखी है। बताया गया है कि साहिल शुक्ला एक अंधविश्वासी व्यक्ति है। उसकी मां नहीं है। वो अपनी मां को मिस करता है। इसलिए उसने अपनी मां के नाम से एक स्नैपचैट अकाउंट क्रिएट किया था। साहिल को लगता था कि उसकी मां, जो इस दुनिया में नहीं है। वो उससे बात करती है। और मुस्कान भी इस बात से वाकिफ़ थी। और जानते हैं मुस्कान ने क्या किया? मुस्कान ने अपने भाई के नंबर से एक स्नैप चैट अकाउंट बनाया। उस अकाउंट से वो साहिल को उसकी मां बनकर मैसेजेस करने लगी। मुस्कान ही साहिल से कहती थी कि मुस्कान अच्छी लड़की है। तू उसके साथ खुश रहेगा।
साहिल अपने इस अंधविश्वास की वजह से मुस्कान को लेकर और क्रेज़ी हो गया। वो मुस्कान से शादी करना चाहता था। और वो किसी भी कीमत पर सौरभ को रास्ते से हटाना चाहता था। लेकिन मेरठ पुलिस ने जो बताया उसके मुताबिक, सौरभ को तो मुस्कान भी रास्ते से हटाना चाहती थी। मगर वो साहिल शुक्ला से शादी नहीं करना चाहती थी। तो ये मुस्कान आखिर चाहती क्या थी? ये तो पता बाद आने वाले वक्त में पता चलेगा जब पुलिस अपनी इन्वैस्टिगेशन पूरी कर लेगी। मगर इस मामले ने लोगों पर जो असर डाला है वो बुरा ही है।
आज तक की रिपोर्ट में बताया गया है कि साहिल अंधविश्वास में इतना पागल हो चुका था कि उसने मुस्कान से ज़िद की कि सौरभ पर पहला वार वही करेगी। और पिछले साल नवंबर में ही साहिल और मुस्कान ने तय कर लिया था कि सौरभ जब वापस आएगा तो उसका काम तमाम कर दिया जाएगा। कोई दो साल बाद सौरभ 24 फ़रवरी को लंदन से मेरठ लौट रहा था। तय हुआ कि जिस दिन मुस्कान का बर्थडे होता है(25 फ़रवरी को) उसी दिन सौरभ की हत्या कर दी जाएगी। मुस्कान सौरभ को शराब पिलाएगी। उस शराब में बेहोशी की दवा होगी। सौरभ जैसे ही बेहोश होगा उसे खत्म कर दिया जाएघा। मगर वो प्लानिंग फ़ेल हो गई। क्योंकि उस दिन सौरभ ने शराब पी ही नहीं।
तय हुआ कि 3 मार्च को सौरभ को क़त्ल किया जाएगा। क्योंकि उस दिन सौरभ और मुस्कान की बेटी के एग्ज़ाम्स खत्म होंगे। और मुस्कान बेटी को अपने माता-पिता के घर छोड़ आएगी। मुस्कान ने दुकान से दो बड़े चाकू खरीद लाई। दुकान वाले से मुस्कान ने कहा कि मुर्गा काटना है इसलिए वो ये चाकू खरीद रही है। फिर आई तीन मार्च की रात। उस रात मुस्कान ने सौरभ की पसंदीदा डिश कोफ़्ता बनाई। और अपने इरादों पर कायम मुस्कान ने खाने में ही नशीली दवा मिला दी। सौरभ ने कोफ़्ता खाया और कुछ देर बाद बेहोश हो गया। सौरभ के बेहोश होते ही मुस्कान ने साहिल को बुला लिया। साहिल ने मुस्कान को चाकू दिया। सौरभ की छाती पर पहला वार मुस्कान ने ही किया।
मुस्कान के वार करने के बाद साहिल सौरभ पर टूट पड़ा। सौरभ ने अपनी पूरी ताकत लगा दी लड़ने में। जितनी कि वो उस स्थिति में लगा सकते थे। मगर वो हार गए। साहिल सौरभ पर चाकू से वार करता रहा। मुस्कान पीछे खड़ी सौरभ की मौत का तमाशा देखती रही। जब सौरभ के प्राण निकल गए तो साहिल ने बाथरूम में उसकी हथेलियां काटी। फिर सिर काटा। अब बारी थी लाश को ठिकाने लगाने की। प्लानिंग पहले ही हो चुकी थी। एक बड़ा ड्रम खरीदा गया। कुछ सीमेंट के कट्टे भी खरीदे गए। सौरभ के शरीर के टुकड़ों को उस ड्रम में डाला गया और सीमेंट घोकर उस ड्रम में भर दिया गया। एक तरह से वो ड्रम साहिल की कब्र बन गया। एक ठोस कब्र।
ये सारे काम करने के बाद साहिल और मुस्कान साहिल के कमरे पर जाकर सो गए। और अगले दिन कैब बुक करके हिमाचल घूमने निकल गए। हिमाचल में ये दोनों शिमला, मनाली और कसौल गए। कुल 84 हज़ार रुपए थे मुस्कान के पास। मगर 14 दिन बाद वो सब खत्म हो गए। दोनों मेरठ लौट आए। फिर क्या हुआ आप जानते ही हैं। मुस्कान ने अपना भेद अपने माता-पिता के सामने खुद ही खोल दिया। और शर्म से पानी-पानी हुए मुस्कान के माता-पिता ने खुद ही पुलिस को मुस्कान की करतूतों की सूचना पुलिस को दी और मुस्कान व उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को गिरफ़्तार करा दिया।
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